ई-रजिस्ट्री के विरोध में अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी, सरकार को करोड़ों का राजस्व नुकसान
मुरादाबाद। ई- रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में दी बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के आह्वान पर अधिवक्ताओं की हड़ताल का असर सरकारी राजस्व पर पड़ने लगा है। चार दिन से रजिस्ट्री कार्यालयों में कामकाज ठप होने से एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी।
इससे सरकार को करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये के स्टांप शुल्क राजस्व का नुकसान हुआ है इतना ही नहीं ,पंजीकृत विवाह भी नहीं हो पा रहे हैं। ई- रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में दी बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के आह्वान पर अधिवक्ताओं की हड़ताल गुरुवार को भी जारी रही।
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जिले में पांच उप निबंधक कार्यालय संचालित हैं। इनमें दो कार्यालय शहर में हैं, जबकि कांठ, ठाकुरद्वारा और बिलारी में एक-एक रजिस्ट्री कार्यालय हैं। सामान्य दिनों में इन कार्यालयों में बड़ी संख्या में संपत्तियों की खरीद-बिक्री की रजिस्ट्रियां होती हैं। इससे प्रतिदिन करीब डेढ़ करोड़ रुपये के रूप में राजस्व प्राप्त होता है।
सोमवार से अधिवक्ता हड़ताल पर हैं। पिछले चार दिन में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। हड़ताल का असर केवल संपत्ति की रजिस्ट्रियों तक सीमित नहीं है। विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है।
कई जोड़ों ने अपने विवाह का पंजीकरण कराने के लिए आवेदन किया था लेकिन कार्यालयों में कामकाज बंद रहने से उनकी प्रक्रिया भी अटक गई है। निबंधन विभाग के एआईजी अनिल कुमार ने कहा तीन दिन में करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।
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