चीनी की जमाखोरी पर प्रशासन सख्त, तहसीलवार टीमें करेंगी स्टॉक की जांच
डीलरों और स्टॉकिस्टों के गोदामों पर होगी नियमित निगरानी, अजुहा व भरवारी में औचक निरीक्षण कर सत्यापित किया गया स्टॉक
कौशाम्बी। जिले में चीनी की जमाखोरी पर अंकुश लगाने और बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले की सभी तहसीलों में अधिकारियों की टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें चीनी के डीलरों और स्टॉकिस्टों की दुकानों व गोदामों का नियमित निरीक्षण कर उपलब्ध स्टॉक का भौतिक सत्यापन करेंगी।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी सुधांशु शेखर चौबे ने बताया कि प्रत्येक तहसील में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में टीम गठित की गई है। इसमें क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के साथ संबंधित विकासखंडों के पूर्ति निरीक्षक और विपणन निरीक्षक शामिल हैं। टीमों को चीनी के कारोबारियों के स्टॉक पर लगातार नजर रखने और निर्धारित सीमा का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
भारत सरकार ने चीनी के डीलरों के लिए एक अगस्त 2026 से 30 नवंबर 2027 तक स्टॉक सीमा निर्धारित की है। इसके तहत कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक अवधि के लिए चीनी का भंडारण नहीं कर सकेगा। इसके साथ ही देश में किसी भी डीलर को एक समय में 4000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी।
सभी डीलरों के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना भी अनिवार्य किया गया है। उन्हें अपने चीनी स्टॉक की ऑनलाइन घोषणा प्रत्येक शुक्रवार को नियमित रूप से करनी होगी।
प्रशासन की टीम ने कार्रवाई तेज करते हुए अजुहा स्थित कपूर एंड ब्रदर्स और सीताराम ट्रेडर्स तथा भरवारी के अमन ट्रेडर्स और अमित ट्रेडर्स समेत अन्य विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया। टीम ने मौके पर उपलब्ध चीनी के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कर अभिलेखों से मिलान किया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि चीनी की जमाखोरी करने, निर्धारित स्टॉक सीमा का उल्लंघन करने अथवा अनावश्यक रूप से उपभोक्ताओं को परेशान करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कारोबारियों से निर्धारित नियमों का पालन करने और बाजार में चीनी की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखने में सहयोग करने को कहा है।
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पिछले छह वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय रोहित तिवारी कौशांबी में आधारित हैं और क्षेत्रीय मुद्दों की कवरेज में लगातार कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
