खाद्य सुरक्षा पर की जा रही कार्रवाई का सोशल मीडिया पर करें प्रचार प्रसार: एडीएम पूर्वी
जनता को विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ
विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई से लोग हो सकेंगें जागरूक
लखनऊ। शनिवार अपर जिलाधिकारी नगर पूर्वी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिला स्तरीय कमेटी की त्रैमासिक बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले के लोगों को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य-पेय पदार्थ एवं औषधि उपलब्ध कराना तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ एफएसएसएआई द्वारा चलाए जा रही विभिन्न योजनाओं के संचालन के बारे में जानकारी ली।
बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य (II), विजय प्रताप सिंह ने बीते वर्ष एवं मौजूदा वित्तीय वर्ष में खाद्य सुरक्षा को लेकर जिले में की गई प्रवर्तन कार्यवाहियों, निरीक्षणों एवं सैंपलिंग अभियान की पूरी जानकारी पावर पॉइंट प्रजेंटेशन के जरिए कमेटी के सामने पेश की। जिसके बाद औषधि निरीक्षक ने की गई कार्यवाही के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक मे अपर जिलाधिकारी पूर्वी ने विभागीय सोशल मीडिया को और अधिक क्रियाशील करने के निर्देश दिए। इससे विभागीय कार्यो ,उपलब्धियों एवं जानकारियां लोगों तक पहुंच सकेंगी।
अपर जिलाधिकारी पूर्वी ने विभाग द्वारा चलाए जा रहे खाद्य प्रयोगशाला के उद्देश्य व उसकी तिथिवार भ्रमण योजना को सोशल साइट्स पर और अधिक व्यापक प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है जिससे उस क्षेत्र के लोग विभाग के माध्यम से होने वाली जांच से अधिक से अधिक लाभान्वित हो सकें। खाद्य पदार्थों के गुणवत्ता जांच सम्बन्धी घरेलू जांच की विधियों का पैम्फलेट्स,छोटे-छोटे वीडियोज बनाकर उसका प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
विभागीय टोल फ्री नम्बर, क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का मोबाइल नंबर, फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप का उपभोक्ताओं के हित मे व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये। अपर जिलाधिकारी पूर्वी ने बैठक मे उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले मे यदि कहीं भी खाद्य-पेय पदार्थों अथवा औषधियों मे मिलावट सम्बन्धी जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को दी जाए जिससे सम्बंधित पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की जाए परन्तु नमूना संग्रहण करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि गुणवत्ताविहीन खाद्य पदार्थों का ही नमूना संग्रहण किया जाए।
हाॅकर या अन्य बहुत छोटे छोटे खाद्य कारोबारकर्ताओ के यहाँ नमूना भरने के बजाय पहले उन्हेखाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का विशेष प्रयास किया जाए। इसके साथ ही अपर जिलाधिकारी पूर्वी ने फूड फोर्टिफिकेशन, रीयूज्ड कुकिंग ऑयल के एफएसएसआई की गाइडलाइन के अनुसार निस्तारण तथा शुद्ध खाद्य एवं पेय पदार्थों के उपयोग से संबंधित विषयों पर आईईसी के जरिए से प्रभावी एवं व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए।बैठक में अपर जिलाधिकारी पूर्वी ने निर्देश दिया कि कमेटी के सभी संबंधित विभाग आम लोगों के हित मे आपसी समन्वय स्थापित करते हुए पूर्ण सक्रियता, सहयोग एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि शहर के लोगों को शुद्ध खाद्य-पेय पदार्थ एवं सुरक्षित औषधियां उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक में एडीएम ने आबकारी विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, मत्स्य विभाग, मण्डी समिति, उद्यान विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि व्यापार करने वाले सभी लोगों का लाइसेंस बनाया जाए। बैठक मे स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग सहित सभी विभागो के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ-साथ समिति के अन्य सदस्य, विभिन्न व्यापार मंडलों के प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य तथा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग लखनऊ के सभी अधिकारी उपस्थित रहे।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
