नहीं सुधर रही बिजली व्यवस्था, आए दिन फाल्ट से बढ़ रही लोगों की मुश्किलें
लोग बूंद-बूंद पानी को तरसे
गोसाईगंज लखनऊ। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की सख्त हिदायतों के बावजूद पूरनपुर पावर उपकेंद्र के अधिकारी-कर्मचारी मनमानी पर उतारू हैं। फॉल्ट सुधार और अघोषित कटौती पर लगाम लगाने के निर्देश हवा हो गए।
शनिवार सुबह करीब 6 बजे पूरनपुर उपकेंद्र के परेहटा फीडर में अचानक ब्रेकडाउन हो गया। जिसके चलते परेहटा फीडर से जुड़े कई गांवों की बिजली गुल हो गई। आपूर्ति दोपहर करीब 11 बजे बहाल हो सकी। यानी करीब 7 घंटे तक पूरे क्षेत्र की लाईट गुल रही। 5-6 घंटे बिजली न आने से बच्चों बुजुर्गों और आम लोगों का भीषण गर्मी से बुरा हाल हो गया। पानी की मोटरें बंद रहीं तो लोग बूंद-बूंद पानी को तरस गए। कई उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन भी चार्ज न होने से बंद हो गए, लोग बोर्ड पर नजरें गड़ाए बिजली का इंतजार करते रहे। जानकारी के अनुसार परेहटा फीडर के अंतर्गत सिकन्दरपुर अमोलिया, पुरवा, तकिया, कुँवर बहादुर खेड़ा, रकीबाबाद गांव सहित कई गांवों की लाईट शनिवार सुबह करीब 6 बजे से गुल हो गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर दिन फॉल्ट और घंटों की कटौती अब आम बात हो गई है। भीषण गर्मी में जनजीवन प्रभावित हो रहा है लेकिन ठोस व्यवस्था नहीं हो रही। ऊर्जा मंत्री ने हाल ही में अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा था कि मनमानी न करें और फॉल्ट तुरंत ठीक कराएं। मगर पूरनपुर उपकेंद्र में इसका असर नहीं दिख रहा। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा हजारों उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि रोजाना फॉल्ट और कटौती से जनमानस त्रस्त है। न समय पर मरम्मत होती है, न कोई सुनवाई। इसलिए लोगों ने विभाग से व्यवस्था सुधारने और जवाबदेही तय करने की मांग की है। बिजली फाल्ट की जानकारी के लिए जब पूरनपुर जेई को फोन किया गया तो उनका फोन नहीं उठा। अभी एक सप्ताह पहले ही करीब 14 घंटे बाद सही हुआ था फाल्ट, वहीं लोगों ने आरोप लगाया कि बिजली की अंधाधुंध कटौती होती है फिर भी बिजली का बिल दोगुना आ रहा है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
