बहराइच में बैराज गेट के पास पहुंचा हाथियों का झुंड, हाका लगाकर जंगल लौटाया
कतर्नियाघाट के जंगल से निकले तीन बड़े और दो छोटे हाथी, बैराज पर जुटी सैकड़ों लोगों की भीड़
बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कतर्नियाघाट के जंगल से निकले पांच जंगली हाथियों का झुंड गेरुआ नदी पार कर चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज पहुंच गया। बैराज के गेट के पास हाथियाें काे देखकर लोगों में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बैराज पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई।
वन क्षेत्राधिकारी आशीष गौड़ ने बताया कि दाे दिन पूर्व मंगलवार की सुबह कतर्नियाघाट के जंगल से निकलकर तीन बड़े और दो छोटे हाथियों का एक झुंड गेरुआ नदी पार कर चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज गेट के करीब पहुंच गया। हाथियाें के झुंड काे देखकर लोगों में खलबली मच गई। इस दाैरान लाेगाें की भीड़ जमा हाे गई। हाथियों का झुंड नदी पार कर बैराज की ओर बढ़ रहा था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम माैके पर पहुंच गई। टीम ने ग्रामीणों के साथ सूझबूझ दिखाते हुए आबादी की तरफ हाथियों का रुख रोकने के लिए हाका लगाना शुरू किया। लगातार हाका लगाए जाने से हाथियों का झुंड बैराज की ओर बढ़ने के बजाए नदी किनारे का रास्ते की ओर रुख करने के बाद पानी से होते हुए वापस जंगल की ओर लाैट गया। हाथियों के जंगल में लौटते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि बारिश के चलते जंगलाें से जंगली जानवर और हाथियाें का झुंड कई बार भटकते हुए आबादी की ओर पहुंच जाते हैं। हालांकि यह इलाका हाथी कॉरिडोर से सटा होने के कारण यहां हाथियों की आवाजाही अक्सर होती रहती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि हाथी दिखाई देने पर भीड़ न लगाएं और न ही शोर मचाएं। तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। इसे देखते हुए टीम काे जंगली जीवाें की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगाया गया है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
