नेपाल से बहकर आए पांच जंगली हाथियों की सिंचाई व वन विभाग ने बचाई जान
अरुण अग्रवाल, बहराइच संवाददाता
बहराइच। बहराइच स्थित कतर्निया घाट वन क्षेत्र में जंगली हाथियों का कुनबा कौड़ियाला नदी के तेज बहाव में बहते हुए गिरजापुरी बैराज के पास पहुंच गया नदी के तेज बहाव में तीन व्यस्क हाथी व दो हाथी के बच्चे शामिल थे। सूचना मिलने पर तुरंत ही सिंचाई विभाग व वन विभाग सक्रिय हुआ और आपस में समन्वय बनाकर बैराज के फाटक को नीचे किया तथा पानी के तेज बहाव को कम किया।
चुकी पानी के तेज बहाव के कारण हाथी के बच्चे बार-बार असंतुलित हो रहे थे वह उन्हें बचाने के लिए वयस्क हाथी लगातार नदी में संघर्ष कर रहे थे पानी का बहाव कम होने पर वन विभाग ने हांका लगाकर पांचो हाथियों को जंगल की तरफ भेजने में सफलता पाई।
इस संबंध में डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि यह सूचना लगभग 10:00 बजे उन्हें मिली थी इसके बाद लगातार प्रयास के चलते हाथियों के झुंड को सुरक्षित बैराज से निकलने में सफलता मिली और वह सुरक्षित जंगल की तरफ चले गए। यह क्षेत्र हाथियों के आवागमन वाले इलाके और हाथी कॉरिडोर से जुड़ा हुआ है यहां सीमा पार नेपाल का रॉयल बर्दिया नेशनल पार्क भी स्थित है और नेपाली हाथियों का आवागमन भी इसी रास्ते से अक्सर होता रहता है। इस संबंध में आशीष गौड़ वन क्षेत्राधिकार ने बताया की पांचो हाथी सुरक्षित तरीके से जंगल की तरफ चले गए हैं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
