21 अगस्त के प्रदर्शन के बाद सवर्ण संगठनों ने फिर आंदोलन की बनाई रणनीति

Published By Shishir Patel
On
Shishir Patel Picture

लखनऊ। आरक्षण व्यवस्था में सुधार, UGC Regulations 2026 को वापस लेने और अन्य मांगों को लेकर 21 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद सवर्ण संगठनों ने आगे की रणनीति पर चर्चा की है। सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने बैठक में कहा कि विभिन्न संगठनों ने मिलकर इन मुद्दों को लेकर आंदोलन आगे जारी रखने का निर्णय लिया है।

सूरज प्रसाद चौबे ने आरोप लगाया कि 21 अगस्त को प्रदर्शन के दौरान पहले जंतर-मंतर पर अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। बाद में रामलीला मैदान में प्रदर्शन की अनुमति की बात कही गई। उनके अनुसार, बड़ी संख्या में सामान्य वर्ग के लोग दिल्ली पहुंच गए, जिसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दी गई।

औरैया में गिरी जर्जर दीवार , एक ही परिवार के दबे पांच लोग.... ये खबर भी पढ़े : औरैया में गिरी जर्जर दीवार , एक ही परिवार के दबे पांच लोग....

चौबे ने आरोप लगाया कि रात करीब आठ बजे प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान कई छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया। RHA संयोजक ठाकुर शिवम सिंह के घायल होने और ठाकुर शिवम सिंह, मनोज मिश्रा, रविन्द्र सिंह तथा विकास दुबे को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का भी दावा किया गया।

बैठक में राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज कुमार धारियां से जुड़ी घटना का भी उल्लेख किया गया। चौबे ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में धारियां घायल हुए और उनके हाथ में फ्रैक्चर हुआ। संगठन के अनुसार, बाद में उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सूरज प्रसाद चौबे ने प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के कथित व्यवहार को लेकर सवाल उठाते हुए इसे दोहरा मापदंड बताया। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के लोग अपने संवैधानिक अधिकारों और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं।

बैठक में पत्रकार अजित भारती के खिलाफ दिल्ली में दर्ज FIR का मुद्दा भी उठाया गया। चौबे ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ SC/ST Act के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में संबंधित पक्षों और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

सवर्ण संगठनों ने अब जंतर-मंतर पर दोबारा धरना-प्रदर्शन करने की तैयारी की है। चौबे के मुताबिक, प्रदर्शन की अनुमति के लिए न्यायालय का रुख किया जाएगा। अनुमति मिलने के बाद अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की योजना है।

उन्होंने बताया कि प्रदर्शन की तारीख सभी सवर्ण संगठनों की संयुक्त बैठक में तय की जाएगी। संगठन जातिगत आरक्षण, SC/ST Act और UGC Regulations 2026 से जुड़े अपने मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।

फिलहाल अगला प्रदर्शन कब होगा, इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। संगठनों की आगामी बैठक के बाद कार्यक्रम और तारीख की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की उम्मीद है।

संबंधित खबरें

लेखक के बारे में

Shishir Patel Picture

पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।

नवीनतम

पर्यावरण जल संरक्षण व नशा उन्मूलन को लेकर आयोजित हुई चौपाल

अरुण अग्रवाल, बहराइच संवाददाता
उत्तर प्रदेश 
पर्यावरण जल संरक्षण व नशा उन्मूलन को लेकर आयोजित हुई चौपाल

यूपी में 2027 में बनेगी सपा की पूर्ण बहुमत की सरकार: श्याम लाल पाल

मोहम्मद अय्यूब, उतरौला संवाददाता
उत्तर प्रदेश 
यूपी में 2027 में बनेगी सपा की पूर्ण बहुमत की सरकार: श्याम लाल पाल

यूपी में 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं...
राष्ट्रीय  राज्य  उत्तर प्रदेश 
यूपी में 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा