बंदी की मौत के मामले में मजिस्ट्रियल जांच, एक से सात सितंबर तक दर्ज होंगे बयान
जिला चिकित्सालय ओयल में उपचार के दौरान हुई थी सिद्धदोष बंदी प्रमोद कुमार की मौत
ललित वर्मा
लखीमपुर-खीरी,25 अगस्त(तरुणमित्र)। जिला कारागार खीरी में निरुद्ध सिद्धदोष बंदी प्रमोद कुमार की जिला चिकित्सालय ओयल में उपचार के दौरान हुई मौत के मामले में मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी गई है। अपर जिलाधिकारी के आदेश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सदर को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोपालापुर, थाना गोला निवासी करीब 41 वर्षीय प्रमोद कुमार पुत्र राजेंद्र प्रसाद को मुकदमा अपराध संख्या 169/2015, एसटी संख्या 281/15 में धारा 303 भादंसं व 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत आजीवन कारावास की सजा हुई थी। आदर्श कारागार लखनऊ से स्थानांतरित होकर वह पांच जुलाई 2026 से जिला कारागार खीरी में निरुद्ध था। वह पेट के ऑपरेशन के बाद कारागार में निरुद्ध हुआ था।
पांच अगस्त को C/o carcinoma distal
stomach की शिकायत होने पर कारागार चिकित्साधिकारी के परामर्श से करीब 11:55 बजे उसे जांच और उपचार के लिए जिला चिकित्सालय ओयल भेजा गया था।चिकित्सालय में भर्ती कर उसका उपचार किया जा रहा था। उपचार के दौरान अपराह्न 2:47 बजे विशेषज्ञ चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
साक्ष्य और अभिकथन प्रस्तुत कर सकेंगे संबंधित
मामले की मजिस्ट्रियल जांच के लिए नामित ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सदर ने बताया कि घटना से संबंधित सभी पक्ष अपने साक्ष्य और अभिकथन प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके लिए एक सितंबर से सात सितंबर 2026 के बीच किसी भी कार्यदिवस में दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट स्थित उनके कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष दर्ज कराया जा सकता है। संबंधित लोगों से निर्धारित अवधि में जांच में सहयोग करने की अपील की गई है।
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पिछले एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय विजय पाल खबरों की तेज़ समझ और ज़मीनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं। रिपोर्टिंग और समाचार लेखन के क्षेत्र में उन्होंने निरंतर काम किया है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
