3.30 करोड़ बच्चों को आज से पिलाई जाएगी पोलियो रोधी दवा
— पहले दिन 1.10 लाख बूथों पर बच्चों को पिलाई जाएगी दवा
लखनऊ। प्रदेश के शून्य से पांच वर्ष तक के 3.30 करोड़ नौनिहालों को पोलियो से बचाव की दवा पिलाने का अभियान रविवार से शुरू होगा। पहले दिन लगभग 1.10 लाख बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। सोमवार से 70 हजार टीमें और 35 हजार पर्यवेक्षक घर-घर जाकर बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाएंगे। डॉ.पिंकी जोवेल, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने बताया कि प्रदेश पिछले 16 वर्षों से पोलियो मुक्त बना हुआ है, लेकिन इस वर्ष पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो के तीन मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में हमें पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि जब तक दुनिया पूरी तरह पोलियो मुक्त नहीं हो जाती, तब तक संक्रमण का खतरा बना रहेगा। हमारा उद्देश्य केवल बच्चों को दवा पिलाना नहीं, बल्कि प्रदेश में पोलियो वायरस के किसी भी संभावित प्रवेश को रोकना है। इसके लिए बूथ, घर-घर अभियान, ट्रांजिट और मोबाइल टीमों के माध्यम से व्यापक रणनीति तैयार की गई है। सभी जनपदों में 6,500 ट्रांजिट टीमें और 1,700 मोबाइल टीमें बस एवं टेंपो स्टैंड, रेलवे स्टेशन, ईंट भट्टों और अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों को दवा पिलाने का कार्य करेंगी।
महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. एच.डी. अग्रवाल ने बताय़ा कि पोलियो संक्रमण की दृष्टि से ईंट भट्टों, मलिन बस्तियों, घुमंतू आबादी, फैक्ट्री क्षेत्रों और निर्माणाधीन स्थलों पर रहने वाले परिवार अधिक संवेदनशील हैं। राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में कुल 36,045 घुमंतू आबादी वाले क्षेत्रों में 7,92,640 परिवारों को चिन्हित किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में नेपाल सीमा पर 30 टीकाकरण पोस्ट स्थापित किए गए हैं और इस वर्ष मई तक 1,08,805 बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाई जा चुकी है। जो बच्चे किन्हीं कारणों से दवा सेवन से वंचित रह जाएंगे उन्हें छह जुलाई को मॉप अप राउंड के दौरान दवा पिलाई जाएगी।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
