नेताजी की अस्थियां भारत लाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस
रेनकोजी मंदिर से अस्थियां भारत लाने की याचिका पर सुनवाई
नेताजी की बेटी अनीता बोस ने दायर की याचिका
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अस्थियों को टोक्यो के रेनकोजी मंदिर से भारत लाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
याचिका नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता बी ने दायर की है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि याचिकाकर्ता लगातार सार्वजनिक रुप से अपने पिता की अस्थियों को भारत लाने की मांग कर रही हैं। नेताजी के अंतिम संस्कार और उनकी गरिमा और सम्मान के लिए ये जरुरी है।
इसके पहले 12 मार्च को उच्चतम न्यायालय ने आशीष राय की ऐसी ही याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि अगर वो याचिकाकर्ता होतीं, तो शायद हम इस याचिका पर सुनवाई के बारे में सोच भी सकते थे। हम उनकी भावनाओं की कद्र करते हैं, लेकिन उन्हें कोर्ट आना होगा।
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
