राजस्थान: 39 शारीरिक शिक्षक बने आत्मरक्षा प्रशिक्षण के मास्टर ट्रेनर, स्कूलों में देंगे सुरक्षा का पाठ
जयपुर। राजस्थान पुलिस अकादमी (आरपीए) और राजस्थान काउंसिल फॉर स्कूल एजुकेशन (आरसीएससीई) के संयुक्त तत्वावधान में 13 से 23 जुलाई तक आयोजित 10 दिवसीय राज्यस्तरीय आवासीय ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (टीओटी) कार्यशाला का गुरुवार को समापन हुआ।
प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित 39 शारीरिक शिक्षकों (20 पुरुष, 19 महिला) को आत्मरक्षा तकनीक, निहत्थे युद्ध कौशल, पॉक्सो अधिनियम, साइबर सुरक्षा, विधिक जागरूकता और लाइफ स्किल्स का प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर्स के रूप में तैयार किया गया। ये प्रशिक्षक अब अपने-अपने जिलों के विद्यालयों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण देंगे।
समापन समारोह में आरपीए के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एवं निदेशक संजीब कुमार नार्जारी ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा व आत्मनिर्भरता किसी भी प्रगतिशील समाज की पहचान है।
ये खबर भी पढ़े : भीलवाड़ा: एमसीएच में छह दिन में 5 प्रसूताओं की मौत, सिजेरियन ऑपरेशन के बाद बिगड़ी थी हालत उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यालयों में सुरक्षा संस्कृति और कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देना है। कार्यशाला में व्यावहारिक आत्मरक्षा, संकट की स्थिति में बचाव, साइबर अपराध, महिला एवं बाल अधिकार, लैंगिक समानता और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया।
अंत में सभी 39 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र एवं स्पोर्ट्स किट प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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