बालाघाट में 24 बैगा बच्चों की मौत, जनजाति आयोग की जांच शुरू
- तीन सदस्यीय दल ने दो दिन तक किया प्रभावित गांवों का दौरा
भोपाल। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बिरसा क्षेत्र में विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति के 24 बच्चों की खसरा, मलेरिया और अन्य बीमारियों से हुई मौत के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने जांच शुरू कर दी है।
आयोग के अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य के निर्देश पर तीन सदस्यीय दल ने बुधवार और गुरुवार को दिन तक प्रभावित गांवों का दौरा किया। जांच दल में विधि सलाहकार प्रकाश कुमार उइके, डायरेक्टर पूर्णेंदुकांत और इन्वेस्टिगेटर शिवप्रकाश शामिल रहे।
ये खबर भी पढ़े : कैबिनेट का बड़ा फैसला: अगले पांच साल जारी रहेंगी लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाएंदल ने सोनगुड्डा, बोंदारी, कुंडेकसा, कोरका, गठिया और मछुरदा गांवों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी केंद्र और जनजातीय छात्रावासों का निरीक्षण किया।
दल के सदस्यों ने मृतक बच्चों के परिजनों से बीमारी, इलाज, टीकाकरण, पोषण और पेयजल आपूर्ति के संबंध में चर्चा कर जानकारी जुटाई।
निरीक्षण के दौरान महाकौशल वनवासी विकास परिषद के जनजाति सहहित रक्षा प्रमुख लखन मेरावी भी टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने ही आयोग को पत्र लिखकर बैगा गांवों में बच्चों की मौतों की जानकारी दी थी।
दो दिन के निरीक्षण के बाद विधि सलाहकार प्रकाश कुमार उइके ने बताया कि आयोग बच्चों की असमय मौतों के हर पहलू की पड़ताल कर रहा है। मौतों के कारण का पता लगाने के लिए संबंधित विभागों से रिकॉर्ड और दस्तावेज मांगे गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्वास्थ्य, मलेरिया तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की भूमिका की जांच होगी कि आखिर किस स्तर पर चूक हुई।
उन्होंने क्षेत्र में अशिक्षा और जागरूकता की कमी को भी मौतों का बड़ा कारण माना। योजनाओं के क्रियान्वयन में जनजातीय विभाग के समन्वय की भी पड़ताल की जाएगी।
इधर, जिला प्रशासन द्वारा बिरसा विकासखंड के बीमारी से प्रभावित ग्राम कुंडेकसा, कोरका एवं बोंदारी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर स्वास्थ्य सर्वे एवं उपचार की कार्रवाई लगातार जारी है अभियान के तहत 20 सर्वेक्षण टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं।
बीमार व्यक्तियों की जांच एवं उपचार के लिए 4 पीएमजनमन एएमएमयू, 10 चिकित्सा अधिकारियों तथा मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल पहुंचाने के लिए 4 एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें विशेष रूप से बच्चों के स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रख रही हैं। विभाग द्वारा कुंडेकसा, बोंदारी कोरका, घुम्मुर, अडोरी, मछुरदा, गठिया और मातला सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सर्वेक्षण किया जा रहा है।
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माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
