मध्य प्रदेश: मानसून की आखिरी बड़ी बारिश का अनुमान, अलर्ट जारी
- प्रदेश में अब तक 33.9 इंच पानी गिरा
भोपाल । मानसून की विदाई से पहले मध्यप्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर जोर पकड़ सकता है। नए सिस्टम के असर से 24 सितंबर से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश होने की संभावना है।
इससे पहले रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। प्रदेश में अब तक औसतन 33.9 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य कोटे का करीब 91 प्रतिशत है।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम मध्यप्रदेश के मौसम को प्रभावित करेगा। शनिवार तक निम्न दाब क्षेत्र उत्तर अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में था।
रविवार को यह आगे बढ़ा और इसके पश्चिम-उत्तर दिशा में आगे बढ़ने के साथ धीरे-धीरे मजबूत होने का अनुमान है। इसके 21 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन और 22 सितंबर को डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है।
23 सितंबर की सुबह से सिस्टम का असर ज्यादा सक्रिय हो सकता है। इसके बाद मध्यप्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। 24 सितंबर से कई जिलों में बारिश की तीव्रता बढ़ेगी।
इस दिन छतरपुर, सतना, दमोह, डिंडौरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मानसून की विदाई से पहले इसे प्रदेश में बारिश का आखिरी बड़ा दौर माना जा रहा है।
प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश की स्थिति पिछले कुछ दिनों में सुधरी है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल बारिश सामान्य से करीब 1 प्रतिशत कम है।
बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 प्रतिशत से 24 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है।
हालांकि पिछले एक सप्ताह में इन जिलों की स्थिति में सुधार आया है। रविवार तक पूर्वी हिस्से की बारिश का आंकड़ा करीब 2 प्रतिशत माइनस में था। पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश की कमी अभी ज्यादा है।
आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 5 प्रतिशत से 49 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
इन इलाकों में नए सिस्टम से होने वाली बारिश महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि मानसून का सीजन अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। प्रदेश के 23 जिलों में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।
कुल मिलाकर प्रदेश में अब तक 33.9 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश के मुकाबले यह करीब 91 प्रतिशत है। ऐसे में सितंबर के आखिरी दिनों में बनने वाला सिस्टम प्रदेश के बारिश के आंकड़े को और ऊपर ले जा सकता है।
हालांकि सिस्टम की दिशा और उसकी तीव्रता के आधार पर बारिश का असर जिलों में अलग-अलग रह सकता है।
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