धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को कांग्रेस ने बताया छात्रों की जीत, राहुल बोले- अभी दो मांगें बाकी
छात्रों पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए
नई दिल्ली। नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक विवाद और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर देशभर में चले विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने इसे छात्रों और युवाओं की जीत करार दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शिक्षा व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने की दिशा में बड़ा कदम है लेकिन संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और छात्रों पर हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो में कहा कि धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा व्यवस्था के पतन का प्रतीक बन गए थे और उनका इस्तीफा एक महत्वपूर्ण तथा प्रतीकात्मक कदम है। उन्होंने देशभर के छात्रों और युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर संघर्ष किया, जिस पर उन्हें गर्व है। राहुल ने कहा कि अभी दो मांगें शेष हैं। पहली, जिन लोगों ने छात्रों पर लाठीचार्ज, हिंसा और अन्य कार्रवाई की, उनके खिलाफ जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई हो। दूसरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों और देश के भविष्य के सम्मान में सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
ये खबर भी पढ़े : धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भाजपा का बयान, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाईकांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को भारत के युवाओं की ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने अहिंसक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ी और सरकार को झुकने के लिए मजबूर कर दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया, इसके बावजूद युवा पीछे नहीं हटे। प्रियंका ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की इच्छा सर्वोपरि होती है और कोई भी सरकार या नेता जनता की आवाज को हमेशा के लिए दबा नहीं सकता।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लंबे समय से पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते रहे हैं और कांग्रेस ने एनएसयूआई तथा युवा कांग्रेस के माध्यम से छात्रों के आंदोलन का लगातार समर्थन किया। प्रियंका ने कहा कि यह केवल एक शुरुआत है और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि देश के छात्रों, युवाओं और बेरोजगारों ने अपने संघर्ष के बल पर शिक्षा मंत्री को पद छोड़ने के लिए मजबूर किया है। धर्मेंद्र प्रधान खराब शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार, पुलिस की कथित बर्बरता और सरकारी संवेदनहीनता का प्रतीक बन चुके थे।
पवन खेड़ा ने कहा कि लड़ाई केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरी व्यवस्था के खिलाफ है जिसने शिक्षा प्रणाली को संकट में डाल दिया। छात्रों पर हुई कथित हिंसा की जवाबदेही तय होनी चाहिए और प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस और छात्र संगठन तब तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे, जब तक शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और छात्रों की सभी प्रमुख मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
