छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जंगली हाथियों का आतंक, छह ग्रामीणों के कच्चे मकानाें काे किया क्षतिग्रस्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में कापू और घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के गांवों में जंगली हाथियों ने शनिवार की देर रात कच्चे मकानों को ढहा दिया है । रायगढ़ और धर्मजयगढ़ वन मंडलों में इस समय लगभग 162 हाथियों की मौजूदगी है, जिसके कारण आए दिन मानव-हाथी द्वंद्व की स्थिति बन रही है।
विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार धरमजयगढ़ वन मंडल में 126 हाथी मौजूद हैं। इनमें सबसे अधिक 18 हाथी लैलूंगा रेंज के मुकडेगा बीट में हैं। बाकी हाथी अलग-अलग रेंज और बीट के जंगलों में घूम रहे हैं। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यहां 35 नर, 66 मादा और 25 शावक हाथी हैं।
ये खबर भी पढ़े : गरियाबंद को 600 करोड़ से अधिक विकास कार्यों की सौगात देंगे मुख्यमंत्री विष्णु देव सायवन विभाग के सूत्रों ने आज साेमवार काे बताया है कि कापू वन परिक्षेत्र के अलोला और टेड़ासेमर गांव में दो हाथियों ने रात के अंधेरे में भोजन की तलाश में पहुंचकर 6 ग्रामीणों के कच्चे मकानों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। शनिवार रात दोनों हाथी गांव में घुस गए और रामकुमार, लक्ष्मण सिंह, सत्य सिंह और तिलक सिंह के कच्चे मकानों को डैमेज कर दिया। हाथियों को देखकर ग्रामीण किसी तरह घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे और शोर मचाकर उन्हें भगाने की कोशिश की। इसके बाद दोनों हाथी टेड़ासेमर गांव पहुंच गए। यहां उन्होंने दसरिन कोरवा का कच्चा मकान और कार्तिक कोरवा की झोपड़ी भी तोड़ दी। ग्रामीणों के काफी देर तक हल्ला करने के बाद हाथी वापस जंगल की ओर लौट गए। इसके अलावा एक अन्य बड़े झुंड ने भी कई मकानों और झोपड़ियों को तोड़ा है।
ये खबर भी पढ़े : जांजगीर-चांपा: घर में मिले पिता समेत दो मासूमों के संदिग्ध परिस्थितियों में शव, जांच शुरूउल्लेखनीय है कि दाे दिन पहले शुक्रवार देर शाम अलोला बीट क्षेत्र में बाइक से जा रहे दो ग्रामीणों का सामना अचानक सड़क किनारे खड़े हाथियों से हो गया। हाथियों के आक्रामक होने पर सुखराम नाम का व्यक्ति भागने में सफल रहा, लेकिन राजेंद्र सर्पराज को हाथी ने दौड़ाकर घायल कर दिया। घरघोड़ा रेंज के छर्राटांगर गांव (सांसद राधेश्याम राठिया का गांव) में भी दो हाथी सुबह-सुबह बस्ती में घुस गए और जमकर उत्पात मचाया।
अधिकारियों ने जानकारी दी है कि वर्तमान में धर्मजयगढ़ वन मंडल में 132 और रायगढ़ वन मंडल में 30 हाथी अलग-अलग समूहों (नर, मादा और शावकों के साथ) में विचरण कर रहे हैं। वन अमला ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की लगातार समझाइश दे रहा है
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
