छत्तीसगढ़: विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, कांग्रेस लाएगी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
कांग्रेस बिजली संकट, महंगाई, किसानों और कानून-व्यवस्था के उठाएगी मुद्दे
- विधानसभा का मानसून सत्र 13 से 17 जुलाई तक चलेगा।
- कांग्रेस विधायक दल की बैठक में अविश्वास प्रस्ताव लाने पर सहमति बनी।
- नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सरकार पर वादाखिलाफी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज साेमवार से शुरू हो रहा है। पांच दिनों तक चलने वाले इस सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराहट देखने को मिल सकती है। कांग्रेस मंगलवार (14 जुलाई) को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी।
रविवार को हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में इस पर सहमति बनी। प्रतिपक्ष चरणदास महंत के सरकारी बंगले पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक करीब दो घंटे चली। बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि, 'सरकार के वादे झूठे साबित हुए हैं।
भ्रष्टाचार बढ़ा है और अलग-अलग मुद्दों पर जनता परेशान है। इसलिए कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रही है।"नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मानसून सत्र में कांग्रेस बिजली संकट, महंगाई, किसानों की समस्याएं, कानून-व्यवस्था और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरेगी।
सत्र की शुरुआत कार्यमंत्रणा समिति की बैठक से होगी, जबकि 13 से 17 जुलाई तक चलने वाले इस सत्र में सरकार 8 महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करेगी।
मानसून सत्र को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। विधायकों की ओर से कुल 1,033 प्रश्न लगाए गए हैं, जिनमें नकटी गांव का मामला, बिजली व्यवस्था, महंगाई और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहेंगे। इन विषयों पर सदन में जोरदार बहस और सरकार से जवाब-तलब होने के आसार हैं।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
