धमतरी: कड़ी सुरक्षा के बीच हुई CGPSC एसआई भर्ती परीक्षा, 1599 अभ्यर्थी हुए शामिल
निर्धारित ड्रेस कोड और समय का सख्ती से पालन कराया गया।
- चार परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा आयोजित।
- 1785 में से 1599 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल।
- फेस वेरिफिकेशन और दो स्तरीय सुरक्षा जांच के बाद मिला प्रवेश।
धमतरी। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर भर्ती की प्रारंभिक चयन परीक्षा रविवार को जिले के चार परीक्षा केंद्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित हुई। अभ्यर्थियों को फेस वेरिफिकेशन और दो स्तरीय जांच के बाद ही परीक्षा हाल में प्रवेश दिया गया।
रविवार को सीजीपीएससी की सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर भर्ती की प्रारंभिक चयन परीक्षा के लिए जिले में बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय.
शासकीय नारायण राव मेघावाले कन्या महाविद्यालय, डा. शोभाराम देवांगन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं शासकीय नत्थूजी जगताप नगर पालिक निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया गया था।
सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक परीक्षा आयोजित हुई। कुल 1785 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 1599 ने परीक्षा दी, वहीं 186 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। सीजीपीएससी के दिशा-निर्देशों के अनुसार अभ्यर्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा केंद्र पहुंचना अनिवार्य था।
गहरे रंग के कपड़े, फुल स्लीव शर्ट या टी-शर्ट एवं कार्गो पैंट पहनकर पहुंचे अभ्यर्थियों को नियमों के अनुसार प्रवेश नहीं दिया गया। वहीं जूते, मोटे सोल और ऊंची हिल वाले फुटवियर, घड़ी, पर्स, बेल्ट एवं इलेक्ट्रानिक सामान भी परीक्षा केंद्र के बाहर ही रखवाए गए। सुबह 9:45 बजे के बाद परीक्षा केंद्र में नए अभ्यर्थियों का प्रवेश नहीं दिया गया।
वहीं निर्धारित समय तक फेस वेरिफिकेशन की कतार में लगे सभी अभ्यर्थियों को केंद्र के भीतर ले जाकर पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराई गई। परीक्षा केंद्रों पर दो स्तर की जांच व्यवस्था लागू रही। पहले चरण में ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों ने प्रवेश पत्र और पहचान पत्र का मिलान करते हुए फेस वेरिफिकेशन किया।
इसके बाद दूसरे चरण में स्थानीय पुलिस ने मेटल डिटेक्टर से सघन जांच कर अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया। सभी निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही परीक्षा हाल में प्रवेश दिया गया।
परीक्षा में छत्तीसगढ़ी जनउला छै महीना के रांधे भात, जब खाबे तब ताते तात सहित कथन-कारण एवं सुमेलित करने वाले प्रश्न,परीक्षा में भारत सरकार द्वारा नक्सलवाद से निपटने के लिए तैयार किए गए समाधान सिद्धांत के घटक, पेसा कानून, हल्बा शब्द की उत्पत्ति.
दक्षिण भारत का मैनचेस्टर, राष्ट्रीय जलमार्ग, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, नारियल की भूसी किस ऊतक से बनती है, छत्तीसगढ़ में पुलिस व्यवस्था किस अधिनियम के अंतर्गत स्थापित की गई, क्रिकेट पिच की लंबाई, आईटी अधिनियम के तहत डिजिटल सिग्नेचर कौन जारी करता है जैसे प्रश्न पूछे गए।
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लेखक के बारे में
माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
