नहाते समय हुआ दर्दनाक हादसा: पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो मासूमों की मौत,
- मुखमेलपुर में गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की मौत।
- स्थानीय लोगों ने बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
- डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित किया।
नई दिल्ली। बाहरी उत्तरी दिल्ली के मुखमेलपुर इलाके में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे में बारिश के पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। दोनों बच्चे अन्य बच्चों के साथ नहाने के लिए गड्ढे में उतरे थे, लेकिन गहराई का अंदाजा नहीं लगने के कारण डूब गए।
स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 5:55 बजे हिरनकी रोड, मुखमेलपुर स्थित बारिश के पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में दो बच्चों के डूबने की सूचना दमकल विभाग को मिली।
सूचना मिलते ही भोरगढ़ फायर स्टेशन से एक स्मॉल वाटर टेंडर और अन्य राहत दल को मौके पर रवाना किया गया। दमकल अधिकारी विजय दहिया के नेतृत्व में टीम घटनास्थल पर पहुंची।
हालांकि, दमकलकर्मियों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाल लिया था।
इसके बाद एंबुलेंस की मदद से दोनों को तुरंत राजा हरिश्चंद्र अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान आयुष (7) और नितेश (8) के रूप में हुई है। दोनों मुखमेलपुर इलाके के रहने वाले थे।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लगातार हुई बारिश के कारण गड्ढे में काफी पानी भर गया था। रविवार शाम दोनों बच्चे उसमें नहाने के लिए उतर गए।
खेल-खेल में वे गहरे हिस्से तक पहुंच गए और पानी में डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन जब तक दोनों को बाहर निकाला गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
इस हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान ऐसे खुले और गहरे गड्ढे बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन जाते हैं।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे गड्ढों को जल्द भरने या उनकी घेराबंदी करने की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
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माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
