असम में बाढ़ से 370 गांव प्रभावित, राहत-बचाव अभियान जारी
मेडिकल टीमें राहत क्षेत्रों में तैनात
गुवाहाटी। असम में बाढ़ का प्रकोप कुछ कम हुआ है। अब 370 गांवों के 77542 नागरिक प्रभावित हैं। ं बाढ़ की स्थिति में सुधार के बीच धनसिरी नदी (नुमलीगढ़) खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
प्रभावित लोग राहत शिविरों से अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। क्षतिग्रस्त आवास संरचनाओं और बचे हुए घरों की मरम्मत एवं साफ-सफाई का कार्य भी तेज गति से चल रहा है। प्रभावितों की मदद का कार्य सरकारी एवं निजी स्तर पर भी जोरशोर से चलाया जा रहा है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 13 अगस्त के आंकड़ों के अनुसार धनसिरि नदी उफान पर है। राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 104 दर्ज की गई है। वर्तमान समय में 7 जिले बाढ़ प्रभावित है।
प्रभावित जिलों में गोलाघाट, शिवसागर, नगांव, होजाई, जोरहाट, दरंग एवं लखीमपुर हैं। बाढ़ से इन जिलों के 22 राजस्व मंडलों के कुल 370 गांव प्रभावित हैं।
वर्तमान समय में राज्य की कुल 77542 आबादी अभी भी प्रभावित हैं एवं 9908.85 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अभी भी 38 राहत शिविर एवं 32 राहत वितरण केंद्र संचालित हैं। इनमें 6639 लोग आश्रय लिए हुए हैं। शिवसागर जिले में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कच्चे मकानों की कुल संख्या 125 है।
इस जिले में 10 पक्के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बाढ़ में राहत एवं बचाव अभियान में एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं (एफ एंड ईएस), सर्कल कार्यालय/स्थानीय प्रशासन एवं नागरिक सुरक्षा/प्रशिक्षित स्वयंसेवक जुटे हुए हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में गुरुवार को राज्य सरकार ने कुल 59 मेडिकल टीमों को तैनात किया है। इस दौरान पांच नावें भी राहत कार्य में जुटी रहीं। इस बीच नावों के जरिए बाढ़ प्रभावित 119 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
बाढ़ से बड़े पैमाने पर सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत ढांचे को नुकसान पहुंचा है। सरकार लगातार समीक्षा बैठक कर हालात का जायजा ले रही है।
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