प्रधानमंत्री ने सुभाषितम् में 'क्षमा' को मानसिक शांति का साधन बताया
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को एक्स पर साझा सुभाषितम् में 'क्षमा' को मानसिक शांति का सर्वोत्तम साधन के रूप में उल्लेखित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत श्लोक को साझा करते हुए लिखा, "एको धर्मः परं श्रेयः क्षमैका शान्तिरुत्तमा। विद्यैका परमा तृप्तिरहिंसैका सुखावहा॥"
इसका भावार्थ है कि धर्म मनुष्य को कल्याण और उन्नति के मार्ग पर अग्रसर करता है। क्षमा मानसिक शांति का सर्वोत्तम साधन है। विद्या ही वास्तविक संतोष का मूलाधार है और अहिंसा संसार में स्थाई सुख प्रदान करती है। अतः इन गुणों को आत्मसात कर मनुष्य अपने जीवन को श्रेष्ठ, शांत और आनंदमय बना सकता है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब 03 वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट एडिटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
