नीट-यूजी पेपर लीक की पहली सुनवाई टली, अब अगली सुनावाई 3 अगस्त को तय
फास्ट-ट्रैक कोर्ट में पहले दिन नहीं हुई सुनवाई
- सुनवाई के दौरान CBI की ओर से कोई अधिवक्ता नहीं हुआ पेश
नई दिल्ली। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए गठित विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सोमवार को पहली सुनवाई ही नहीं हो सकी। सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से कोई अधिवक्ता अदालत में उपस्थित नहीं हुआ, जिसके बाद कोर्ट ने कार्यवाही स्थगित कर दी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को सुबह 10 बजे होगी।
राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष जज अनु ग्रोवर बलीगा की अदालत में गिरफ्तार आरोपियों दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई होनी थी। लेकिन अभियोजन पक्ष की ओर से वकील की अनुपस्थिति के कारण अदालत मामले में आगे की सुनवाई नहीं कर सकी।
अदालत ने डायरेक्टर ऑफ प्रॉसिक्यूशन को निर्देश दिया है कि NEET पेपर लीक मामले के लिए जल्द ही लोक अभियोजक (Public Prosecutor) की नियुक्ति की जाए। कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से नियुक्त वकील की मौजूदगी सुनिश्चित होनी चाहिए। आरोपियों की ओर से अधिवक्ता ए.पी. सिंह अदालत में मौजूद रहे। अब अगली सुनवाई में जमानत याचिकाओं और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर सुनवाई होगी।
पेपर लीक मामलों के लिए बनी है विशेष अदालत
यह पहली बार था जब NEET-UG पेपर लीक मामला उस विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सूचीबद्ध हुआ, जिसका गठन पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत किया गया है। 23 जुलाई 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट में इस विशेष अदालत का गठन किया गया था।
इस अदालत में अब सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ी, अनुचित साधनों और पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई की जाएगी। हालांकि पहली ही सुनवाई में अभियोजन पक्ष की अनुपस्थिति के चलते कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी और मामले को अगली तारीख तक के लिए टाल दिया गया।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
