सोनिया गांधी के वोटर लिस्ट मामले पर भाजपा ने उठाए सवाल
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के 1980 में भारतीय नागरिकता ग्रहण करने से पहले ही देश के आम चुनावों में मतदान करने का मामला उठाते हुए इसकी न्यायिक जांच कराने की आज मांग की।
भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक प्रदीप भंडारी ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में सोनिया गांधी से जुड़ी मतदाता सूची मामले को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार मतदान करने के लिए व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना जरूरी है। भंडारी के मुताबिक, वर्ष 1980 में सोनिया गांधी भारतीय नागरिक नहीं थीं, इसके बावजूद उन्हें वोट डालने की अनुमति किस आधार पर मिली, यह जांच का विषय है।
प्रदीप भंडारी ने कहा कि वर्ष 1980 में इसी सवाल को लेकर अदालत में याचिका दाखिल की गई थी कि सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में किस आधार पर शामिल किया गया और उन्हें मतदान की अनुमति कैसे मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस प्रक्रिया में दस्तावेजों की कथित जालसाजी हुई थी।
भंडारी ने कहा कि दिल्ली की अदालत ने मामले में मजिस्ट्रेट अदालत को यह जांच करने का निर्देश दिया है कि क्या इस पूरे मामले में कोई संज्ञेय अपराध बनता है। उन्होंने अदालत की टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि पहले मामले को खारिज करने वाली मजिस्ट्रेट अदालत ने मामले पर पर्याप्त रूप से विचार नहीं किया और संज्ञेय अपराध के खुलासे के मूल सवाल पर उचित कार्रवाई नहीं की।
भाजपा नेता ने कहा कि अदालत का मानना है कि मामले की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग ‘वोट चोरी’ की बात कर रहे हैं, वे वास्तव में लोकतंत्र की चोरी में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी से जुड़े इस मामले में अदालत की टिप्पणियों के बाद उठे सवालों की जांच होना जरूरी है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब 03 वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट एडिटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
