नेपाल की राजधानी के भूमिहीन बस्तियों पर बुलडोजर चलाने से 15 हजार से अधिक लोग बेघर
काठमांडू। नेपाल की राजधानी काठमांडू में सरकार द्वारा भूमिहीन बस्तियों को हटाने के अभियान को तेज किए जाने के बाद लगभग 15,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।
25 अप्रैल को काठमांडू के थापाथली से शुरू किए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान अधिकारियों ने सुबह-सुबह बुलडोजर और सुरक्षा बलों के साथ पहुंचकर लोगों को केवल तीन दिन के भीतर जगह खाली करने का निर्देश दिया। इसके बाद कई परिवार बेघर हो गए।
कुछ निवासी पहले ही वहां से जा चुके थे, जबकि जिनके पास जाने के लिए कोई स्थान नहीं था, उन्हें अस्थायी शिविरों और लॉज में स्थानांतरित किया गया।
काठमांडू के जिला प्रशासन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार अब तक अभियान के तहत कुल 19 बस्तियों को खाली कराया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक अभियान के दौरान 2,687 घर और झोपड़ियां हटाई गईं, जिनमें 890 पक्के ढांचे और 1,797 अस्थायी आश्रय शामिल हैं।
काठमांडू की कार्यवाहक मेयर सुनीता डंगोल ने बताए कि इस अभियान से लगभग 15,300 लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें 6858 पुरुष, 5325 महिलाएं, 1437 लड़के और 1696 लड़कियां शामिल हैं। नेपाल सरकार ने नदी किनारे रहने वाले विस्थापित लोगों के प्रबंधन की जिम्मेदारी शहरी विकास मंत्रालय को सौंपी है।
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