क्या आपने खाई है लखनऊ की मशहूर किमामी सेवइयां?
किमामी सेवइयां : सेवइयां खाने में बेहद स्वादिष्ट लगती हैं लेकिन क्या आपने किमामी सेवइयों का स्वाद चखा है? किमामी सेवइयां लखनऊ में खासतौर पर बनाई जाती है। यह अपनी मिठास, गाढ़ी चाशनी और भरपूर मेवों के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं। अगर आपने अभी तक किमामी सेवइयां नहीं खाई हैं तो चलिए जानते हैं इस घर पर कैसे बनाएं?
किमामी सेवइयां बनाने के लिए सामग्री:
किमामी सेवइयां बनाने के लिए किमामी सेवइयां, चीनी, घी, काजू, बादाम, सूखा नारियल,हरी इलायची, मखाना, खोया, दूध जैसे सामग्री की ज़रूरत होती है।
ये खबर भी पढ़े : संविदा कर्मियों की समस्याओं का हो समाधान, मानवीय एवं सुरक्षित कार्य करे सुनिश्चित : समितिआधा किलो बारीक बनारसी किमामी सेवइयां, 1 किलो चीनी, 200 ग्राम घी, 100 ग्राम काजू, 50 ग्राम बादाम, आधा सूखा नारियल, 6-7 हरी इलायची, 50-60 ग्राम मखाना, 250 ग्राम खोया, चाशनी के लिए 1 लीटर दूध या पानी, 1 छोटा चम्मच केवड़ा जल
कैसे बनाएं किमामी सेवइयां?
पहला स्टेप: किमामी सेवइयां बनाने के लिए सबसे पहले बहुत बारीक बनारसी सेवइयां खरीद लें। यह आपको मार्केट और ऑन लाइन दोनों जगह आसानी से मिल जाएगी। सेवइयां अच्छी तरह से तोड़ लें। अब गैस ऑन कर उसपर पैन रखें और एक चम्मच घी डालें और फिर उसमें डालकर हल्का भून लें। फिर उन्हें एक बड़े बाउल में निकाल लें।
दूसरा स्टेप: अब, एक पैन में घी गरम करें और उसमें इलायची डालें। अब चीनी, एक लीटर दूध और अपनी डालें और अच्छी चाशनी तैयार करें। चाशनी को धीमी आंच पर लगभग 2 घंटे तक पकाएं, जब तक कि वह गाढ़ी न हो जाए और 'कीमाम' जैसी कंसिस्टेंसी (गाढ़ापन) न आ जाए।
तीसरा स्टेप: अब मखाना को घी में डालकर अच्छी तरह से भून लें। मखाना की तरह बाकी के सभी ड्राइफ्रूट्स को भी आप घी में भूनें। मखाना को भुनने के बाद उसे दरदरा पीस लें। मखाने की तरह आप नारिएल को भी भूनकर दरदरा पीस लें।
चौथा स्टेप: जब दूध का मिश्रण एकदम गाढ़ा हो जाए तब आप उसमें भुनी हुई सेवइयां, भुना हुआ खोया और सभी ड्राई फ्रूट्स डालें। सब कुछ अच्छी तरह मिलाएं और आंच बंद कर दें। इसे लगभग 1 घंटे तक सेट होने दें और आपकी बेहद स्वादिष्ट किमामी सेवइयां परोसने के लिए तैयार हैं
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
