अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर ट्रंप ने रखी शर्त
वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर को लेकर अपनी शर्तें गिनाईं, जिसमें कहा गया है कि ईरान को यह स्वीकार करना होगा कि वे कभी भी परमाणु हथियार या बम नहीं बनाएंगे। होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोला जाना चाहिए, बिना किसी टोल के, दोनों दिशाओं में निर्बाध जहाज यातायात के लिए। यदि कोई जलमग्न खदानें (बम) हैं, तो उन्हें नष्ट कर दिया जाएगा। हमने अपने शक्तिशाली जलमग्न खदान सफाई यंत्रों से विस्फोट करके ऐसी कई खदानों को हटा दिया है। ईरान बची हुई सभी खदानों को तुरंत हटाएगा या नष्ट करेगा, जो कि बहुत कम होंगी! डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पोस्ट के जरिए ये जानकारी दी।
मैं अंतिम निर्णय लेने वाला हूं-बोले ट्रंप
ये खबर भी पढ़े : अमेरिकी सेना के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर की मांग, भविष्य की चुनौतियों से निपटने पर जोरट्रंंप ने कहा, ईरान को यूरेनियम के लिए यह तय करना होगा और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के घनिष्ठ समन्वय से संवर्द्धित यूरेनियम खोदकर निकालेगा और उसे पूरी तरह से नष्ट कर देगा। इसके साथ ही अगली सूचना तक कोई धन का लेन-देन नहीं होगा। अन्य कम महत्वपूर्ण शर्तों पर सहमति हो गई है। मैं अंतिम निर्णय लेने के लिए अब सिचुएशन रूम में बैठक कर रहा हूं।
ईरान ने कहा-सफेद झूठ बोल रहे ट्रंप
वहीं, ईरान ने कहा, ट्रंप ईरान समझौते की शर्तों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। ट्रंप ने जो दावा किया कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को मुफ्त में खोलने और अपने परमाणु सामग्री को नष्ट करने पर सहमत हो गया है - जबकि ये दोनों ही बातें समझौते में नहीं हैं। बातचीत आगे बढ़ने से पहले अमेरिका को ईरान की 12 अरब डॉलर की संपत्तियों को तुरंत अनब्लॉक करना होगा, और लेबनान में (हिज़्बुल्लाह की शर्तों पर) पूर्ण युद्धविराम भी आवश्यक है। यह समझौता अभी भी ईरान में अंतिम मंजूरी की प्रतीक्षा कर रहा है।
जानकार सूत्रों के अनुसार, ट्रंप के बयान सच्चाई और मनगढ़ंत बातों का मिश्रण हैं - एक तरह से समय से पहले जीत का दावा करने का प्रयास। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा: संदेशों का आदान-प्रदान जारी है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।
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सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
