अमेरिकी सेना के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर की मांग, भविष्य की चुनौतियों से निपटने पर जोर
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही रक्षा बजट बढ़ाने का प्रस्ताव दे चुके
वाशिंगटन। अमेरिकी सशस्त्र बलों को मौजूदा और भविष्य की चुनौती का सामना करने के लिए तत्काल 1.5 ट्रिलियन डॉलर (भारतीय मुद्रा में लगभग 130 लाख करोड़ रुपये) की जरूरत है।
अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने मंगलवार को सीनेट से 1.5 ट्रिलियन डॉलर के अतिरिक्त रक्षा बजट को मंजूरी देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी सशस्त्र बलों को भविष्य की सैन्य चुनौतियों का सामना करने, अहम तकनीक में निवेश बढ़ाने और दुश्मनों से आगे रहने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 1.5 ट्रिलियन डॉलर के इस अनुरोध को स्वीकार करना वक्त की जरूरत है।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, डैन केन ने सीनेट की एप्रोप्रिएशन कमेटी के समक्ष गवाही दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने ऐतिहासिक बजट प्रस्ताव में पहले ही रक्षा बजट को बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने की घोषणा पहले ही कर चुके हैं।
यह पिछले वर्षों के मुकाबले भारी बढ़ोतरी है। इस कारण घरेलू कार्यक्रमों में कटौती का प्रस्ताव किया। डैन कैन अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ के साथ गवाही देने पहुंचे।
उन्होंने कहा, "मैं आज आपके मदद मांगने आया हूं। सशस्त्र बलों को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की जरूरत है। यह अतिरिक्त फंड उसी का एक हिस्सा है।
" उन्होंने सीनेट से इस फंड का इस्तेमाल सैन्य कर्मियों के वेतन, ऑपरेशन और रखरखाव के खर्चों को पूरा करने और अहम तकनीक में निवेश बढ़ाने के लिए करने की अनुमति मांगी।
हेगसेथ ने कहा कि इस आर्थिक मदद से अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में ऑपरेशन जारी रखने, रूस और चीन जैसे दुश्मनों का मुकाबला करने में और सक्षम होगा। हेगसेथ ने कहा कि हम खतरनाक दुनिया में रहते हैं।
इसके लिए साहसिक और त्वरित कार्रवाई की जरूरत है। इसलिए वित्तीय वर्ष 2026 के लिए यह अतिरिक्त मांग की गई है। इस पर सीनेटर की अलग-अलग राय सामने आई है।
रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कैनेडी ने पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस और अमेरिकी जनता को पेंटागन से कुछ जवाब चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें अमेरिकी लोगों को यह समझाने का तरीका निकालना होगा कि हम वहां क्यों गए और कैसे बाहर निकलेंगे और ऐसा करते हुए हम ईरान की परमाणु हथियार हासिल करने की क्षमता को कैसे कम करेंगे।
डेमोक्रेटिक सीनेटर डिक डर्बिन ने कहा कि हेगसेथ और केन युद्ध के खर्च को सही नहीं ठहरा पाए। दोनों यह नहीं बता पा रहे हैं कि यह पैसा कैसे खर्च किया जाएगा। डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस वैन होलेन ने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन पता ही नहीं है कि वह क्या कर रहा है।
जीओपी सीनेटर जॉन होवेन ने युद्ध पर खर्च हुए अरबों डॉलर के बारे में कहा, "देखिए, यह एक ऐसा काम है जो हमें करना ही है।आखिरकार, आप जानते हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना एक बड़ा खतरा है।"
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माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
