मेक्सिको के दिग्गज गोलकीपर गुइलेर्मो ओचोआ ने लिया संन्यास, 22 साल के शानदार करियर का अंत
सोशल मीडिया पर भावुक संदेश के साथ प्रशंसकों को कहा धन्यवाद
मेक्सिको सिटी। मेक्सिको के महान गोलकीपरों में शुमार गुइलेर्मो ओचोआ ने मंगलवार को पेशेवर फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी। 41 वर्षीय ओचोआ ने अपने 22 साल लंबे शानदार करियर को अलविदा कहा।
उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि फीफा विश्व कप 2026 उनके करियर का आखिरी टूर्नामेंट होगा। हालांकि इसके बाद उनके किसी नए क्लब से जुड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब उन्होंने उन सभी चर्चाओं पर विराम लगा दिया है।
सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए ओचोआ ने कहा, "मैंने अपना सबकुछ झोंक दिया। अपने क्लबों और राष्ट्रीय टीम के लिए मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और आज मैं अपने गोलकीपिंग ग्लव्स उतार रहा हूं।
गोलकीपर होना यह जानना है कि शायद 90 मिनट तक आपको सिर्फ एक ही मौका मिले, जब सब कुछ आप पर निर्भर हो। और जब वह पल आए तो आप हिचकिचा नहीं सकते।"
ओचोआ मेक्सिको की ओर से छह फीफा विश्व कप की टीम में शामिल होने वाले खिलाड़ियों में रहे। यह उपलब्धि केवल क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लियोनेल मेसी जैसे महान खिलाड़ियों के नाम भी दर्ज है।
उन्होंने 2014 (ब्राजील), 2018 (रूस) और 2022 (कतर) विश्व कप में मेक्सिको के प्रथम पसंद गोलकीपर के रूप में जिम्मेदारी निभाई।
ओचोआ ने फरवरी 2004 में क्लब अमेरिका के लिए अपना पेशेवर पदार्पण किया। सात सीजन तक क्लब अमेरिका के लिए खेलने के बाद वह 2011 में फ्रांस के अजाक्सियो क्लब से जुड़े और यूरोप में खेलने वाले मेक्सिको में जन्मे पहले गोलकीपर बने।
इसके बाद उन्होंने मालागा, ग्रेनाडा, स्टैंडर्ड लीज, सालेरनिताना, एवीएस फुटबोल और एईएल लिमासोल जैसे क्लबों का भी प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2019 से 2022 के बीच उन्होंने क्लब अमेरिका में वापसी भी की।
अपने विदाई संदेश में ओचोआ ने कहा, "मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक सपना मुझे इतनी दूर तक ले जाएगा। आज मैं गर्व के साथ पीछे मुड़कर देख सकता हूं और सिर्फ इतना कहना चाहता हूं—धन्यवाद।
मैं अपने साथ करोड़ों लोगों का प्यार और यह संतोष लेकर जा रहा हूं कि मैंने मेक्सिको के लिए अपना सबकुछ दिया।"
विश्व कप 2026 में वह मुख्य रूप से राउल रेंगेल के बैकअप गोलकीपर रहे, लेकिन मुख्य कोच जेवियर अगुइरे ने चेक गणराज्य के खिलाफ अंतिम ग्रुप मैच में उन्हें आखिरी 13 मिनट खेलने का मौका दिया।
मुकाबले के बाद भावुक ओचोआ ने एस्टाडियो एज़्टेका के गोलपोस्ट को चूमा, जहां से उनके करियर की शुरुआत हुई थी। इसके बाद उन्होंने अपने साथियों से गले मिलकर विदाई ली और दर्शकों के जाने के बाद आखिरी बार मैदान के बीचों-बीच जाकर अपने यादगार सफर को अलविदा कहा।
क्लब स्तर पर ओचोआ ने 2005 क्लॉजुरा में क्लब अमेरिका के साथ लीग खिताब और स्टैंडर्ड लीज के साथ बेल्जियन कप जीता। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने मेक्सिको को छह कॉनकाकाफ गोल्ड कप खिताब दिलाने में योगदान दिया और टोक्यो 2020 ओलंपिक में कांस्य पदक भी जीता।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
