मुख्यमंत्री ई-ट्राईसाइकिल योजना: दिव्यांग छात्राओं को मिलेगा निःशुल्क आवागमन का सहारा
16 वर्ष से अधिक आयु की छात्राएं करें आवेदन
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए लगातार कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है।
इसी क्रम में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा जनपद के स्कूल, कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग छात्राओं को निःशुल्क ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने की योजना संचालित की जा रही है।
इस योजना के तहत प्रति लाभार्थी अधिकतम 65 हजार रुपये तक की ई-ट्राईसाइकिल प्रदान की जाएगी, जिससे छात्राओं को शिक्षण संस्थानों तक सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
यह जानकारी बुधवार को जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी अशोक कुमार गौतम ने दी। उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य दिव्यांग छात्राओं के शैक्षणिक पुनर्वास को बढ़ावा देना तथा उन्हें शिक्षा प्राप्त करने में आने वाली आवागमन संबंधी कठिनाइयों को दूर करना है।
उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ 16 वर्ष या उससे अधिक आयु की ऐसी छात्राओं को मिलेगा, जो किसी मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हों तथा मस्क्यूलर डिस्ट्रॉफी, स्ट्रोक, सेरेब्रल पाल्सी, हीमोफीलिया अथवा अन्य पात्र दिव्यांगता से प्रभावित हों।
लाभार्थी की दृष्टि एवं मानसिक स्थिति सामान्य हो तथा कमर का ऊपरी भाग स्वस्थ हो, जिससे वह ई-ट्राईसाइकिल का सुरक्षित संचालन कर सके।
छात्रा की दिव्यांगता का प्रमाण जो मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा प्रमाणित दिव्यांग प्रमाण-पत्र अथवा यूडीआईडी (UDID) कार्ड के माध्यम से होना अनिवार्य है।
जाने किन दिव्यांग छात्राओं को मिलेगा लाभ
अशोक कुमार गौतम ने बताया कि योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्राओं को मिलेगा, जिनका परिवार आयकरदाता नहीं है। गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन-यापन करने वाले परिवारों की छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
साथ ही, ऐसी छात्राएं जिन्होंने पिछले पांच वर्षों में किसी भी सरकारी या अन्य स्रोत से ई-ट्राईसाइकिल प्राप्त नहीं की है, वही इस योजना के लिए पात्र होंगी।
ऑनलाइन माध्यम से करना होगा आवेदन
उन्होंने बताया कि आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। आवेदन के साथ अध्ययनरत होने का प्रमाण-पत्र संबंधित शिक्षण या प्रशिक्षण संस्थान से प्राप्त कर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त आवश्यक अभिलेख भी ऑनलाइन आवेदन के साथ संलग्न करने होंगे।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने जनपद की पात्र दिव्यांग छात्राओं एवं उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
आवेदन संबंधी किसी भी जानकारी अथवा सहायता के लिए विकास भवन, प्रयागराज के कक्ष संख्या-13 स्थित जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की यह योजना दिव्यांग छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
इससे छात्राओं के लिए विद्यालय एवं महाविद्यालय तक पहुंचना अधिक सुगम होगा और उनकी शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रह सकेगी।
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लेखक के बारे में
माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
