महिला के डिजिटल वॉलेट से उड़ाए 1 लाख 

Rs 1 lakh stolen from woman's digital wallet

 महिला के डिजिटल वॉलेट से उड़ाए 1 लाख 

iuबेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में साइबर ठगों ने नया तरीका अपना कर 43 साल की एक महिला से 1 लाख की ठगी की है. बतौर पीड़िता ठग ने खुद को उसके पिता का करीबी दोस्त बताया उसके फोन-पे एप्प के वॉलेट में पैसे भेजने की बात कही. चौंकाने वाली बात ये है कि ठग ने महिला को न कोई ओटीपी  भेजा और न ही कोई क्लिक करने के लिए लिंक.

कर्नाटक की हेब्बल की रहने वाली और पेशे से शिक्षिका महिला ने पुलिस पर भी लापरवाही के आरोप लगाया हैं. उसने बताया कि अकाउंट से पैसे चोरी होने के एक घंटे से भी कम समय में शिकायत दर्ज कराने वह सदाशिवनगर पुलिस स्टेशन गई थी, लेकिन पुलिस ने यह कहकर कंप्लेंट नहीं लिखा कि वे सब राज्यपाल और मुख्यमंत्री की सुरक्षा ड्यूटी में व्यस्त हैं. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि स्टेशन पर मौजूद पुलिस वाले कन्नड़ के अलावा कोई अन्य भाषा बोल या समझ नहीं पा रहे थे.

पीड़ित महिला ने बाताया कि ठग ने बुधवार की शाम 4.45 से 5 बजे के बीच उसके पिता का नाम बताते हुए उसके डिजिटल वॉलेट 1 लाख रुपए उड़ा लिए. उसने न तो किसी लिंक पर क्लिक किया और न ही उसे कोई ओटीपी ही मिला. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि उन्होंने ऐसे कुछ मामले देखे हैं. यह साइबर क्राइम में नया चलन आया है ऐसा लगता है. साइबर क्राइम के विशेषज्ञों ने बताया कि टेक्स्ट मैसेज एक कोड के साथ एन्क्रिप्टेड होते हैं जो ठगों को लोगों के पैसे की चोरी की अनुमति देता है.

महिला ने बताया कि, ‘वह शाम को काम से घर वापस जा रही थी. तभी उसे एक अंजान नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने उससे हिंदी में बात की और खुद को एक चार्टर्ड अकाउंटेंट बताया. उसने कहा कि वह मेरे पिता का दोस्त है.’ आगे उसने कहा कि मेरे पिता ने उसको मेरे खाते में कुछ पैसे भेजने के लिए कहा है और मेरी यूपीआई आईडी मांगी.

महिला ने आगे बाताया कि, ‘मैंने जब उसे यूपीआई आईडी दे दी, तब उसने मेरे फोन-पे पर एक नॉर्मल मैसेज भेजा और मुझे बताया कि उसने मेरे वॉलेट में भेज दिए हैं और मुझसे पैसे चेक करने को कहा. मैं उसके निर्देश का पालन किया लेकिन उसको न कोई ओटीपी बताया और न ही किसी लिंक पर क्लिक किया, लेकिन फिर भी मेरे अकाउंट से 2 बार 25 हजार और एक बार 50 हजार काट लिए गए.’

पीड़ित महिला ने बताया कि वह मुझे बार-बार ‘बेटा-बेटा’ कह कर संबोधित कर रहा था. लेकिन जब उसने मैसेज पर क्लिक करने पर जोर दिया तो मुझे कुछ गड़बड़ी की आशंका हुई, हालांकि मैंने फोन काट दिया और घर आकर पिता से इसके बारे में पूछा, लेकिन पिता ने कहा वह किसी से मुझे पैसे भेजने के लिए क्यों कहेंगे?

महिला ने आगे बताया कि पैसे कटने के बाद भी ठग ने उसे 22 बार फोन किया था, उसने पैसे लौटाने की भी बात कही. जब वह पुलिस स्टेशन में थी, तब भी उसने कॉल किया था. उसने बताया कि मैंने और मेरे भाई ने पुलिस से बार-बार निवेदन किया कि ठग के बैंक अकाउंट को फ्रिज कर दे या ब्लॉक करवा दे, लेकिन वे जानबूझ कर देरी करते रहे.

महिला ने बताया कि, पुलिस ने शुक्रवार को उसे फोन किया और बताया कि वे बदमाश के खाते को फ्रीज करने के लिए बैंक को एक ईमेल भेज रहे हैं. डीसीपी (केंद्रीय) शेखर एच टेककन्नवर ने कहा कि वह पुलिस के खिलाफ उदासीनता की शिकायत पर गौर करेंगे.

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