सिंघाड़े की खेती मामूली खर्च और बिना किसी झंझट के बंपर रिटर्न
सिंघाड़े की खेती: अगर आपके पास तालाब या ऐसा खेत है जहां अक्सर पानी भरा रहता है. तो सिंघाड़े की खेती कमाई का शानदार जरिया बन सकती है. जिन जगहों पर सामान्य फसलें उगाना मुश्किल होता है. वहां सिंघाड़ा किसानों को बेहतर कमाई का मौका देता है. इसकी खेती में शुरुआती लागत ज्यादा नहीं आती और एक बार फसल अच्छी तरह तैयार हो जाए.कम लागत वाली सिंघाड़े की खेती आजकल किसानों के लिए लॉटरी साबित हो रही है. महज 10 से 15 हजार के मामूली खर्च में यह फसल चार लाख रुपये तक का छप्परफाड़ मुनाफा दे जाती है.
तो बाजार में इसकी मांग भी लगातार बनी रहती है. ताजा फल से लेकर आटा और कई प्रोडक्ट्स तक में सिंघाड़े का इस्तेमाल होता है. यही वजह है कि हर सीजन में इसकी अच्छी कीमत मिल जाती है. पिछले कुछ समय में कई किसान इसकी खेती से मोटा मुनाफा कमा चुके हैं. जान लीजिए इसकी खेती का पूरा तरीका.
सिंघाड़े की खेती कैसे करें?
सिंघाड़े की खेती के लिए साफ और ठहरा हुआ पानी सबसे जरूरी माना जाता है. इसे तालाब, पोखर या पानी भरे खेतों में आसानी से उगाया जा सकता है. अच्छी पैदावार के लिए जैविक पदार्थों से भरपूर मिट्टी और समय पर पौधों की देखभाल जरूरी होती है. खेती के दौरान खरपतवार नियंत्रण और पानी का स्तर बनाए रखने पर ध्यान दिया जाए तो उत्पादन बेहतर मिलता है.
ऐसे करें दोहरी कमाई
कई किसान सिंघाड़े की खेती को मछली पालन के साथ भी जोड़ रहे हैं. जिससे एक ही जगह से दोहरी कमाई का रास्ता खुल जाता है. सही तरीके से खेती करने पर लागत कम रहती है और उत्पादन अच्छा मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
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कितनी आती है लागत?
सिंघाड़े की खेती में लागत और कमाई पूरी तरह खेती के क्षेत्र, बीज, मजदूरी और पानी की उपलब्धता पर निर्भर करती है. सामान्य तौर पर एक हेक्टेयर में इसकी खेती पर करीब 60 हजार से 75 हजार रुपये तक का खर्च आता है. अच्छी देखभाल के साथ किसान औसतन 35 से 40 क्विंटल तक उत्पादन हासिल कर सकते हैं.
कितने में बिकता है सिंघाड़ा?
बाजार में सिंघाड़ा कई जगह 6 हजार से 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बिक जाता है. ऐसे में कुल आमदनी करीब 2.5 लाख से 2.7 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. जबकि सभी खर्च निकालने के बाद लगभग 1.8 लाख से 2 लाख रुपये तक का मुनाफा मिलने की संभावना रहती है. हालांक यह कमाई स्थानीय बाजार भाव और कितना उत्पादन हुआ इन बातों पर निर्भर करती है.
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
