लड़की के पेट से निकाला 1.16 किलो का बालों का गुच्छा
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। यहां के एक हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने एक 20 साल की लड़की के पेट का ऑपरेशन करके उससे 1.16 किलो का बालों का गुच्छा निकाला है।
11 सालों से अपने बाल खा रही थी पीड़ित लड़की
पेट की समस्या से परेशान लड़की पिछले 11 सालों से अपने बाल खा रही थी। इस समस्या को मेडिकल लैंग्वेज में'ट्राइकोफेजिया' कहा जाता है।
11 सालों से अपने बाल खा रही थी पीड़ित लड़की
पेट की समस्या से परेशान लड़की पिछले 11 सालों से अपने बाल खा रही थी। इस समस्या को मेडिकल लैंग्वेज में'ट्राइकोफेजिया' कहा जाता है।
पीड़ित लड़की का ऑपरेशन दिल्ली के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में हुआ। उसके पेट में 1.16 किलोग्राम वजन का बालों का गुच्छा था जो पेट के बड़े हिस्से में फैला हुआ था। यही वजह थी कि लड़की को भूख नहीं लगती थी और पेट में दर्द होता था। इसके अलावा पीड़ित को उल्टियां भी हो रही थीं।
एंडोस्कोपी से पता लगी बालों में गुच्छे की बात
डॉक्टरों के अनुसार, लड़की के पेट के ऊपरी हिस्से में उन्हें गांठ सी महसूस हुई तो एंडोस्कोपी करवाई गई। इस जांच में पता लगा कि लड़की के पेट में बालों का गुच्छा है। इसे पेट से निकालना आसान नहीं था क्योंकि बाल अगर पेट में जमा हो जाए तो वह पचते नहीं हैं और जमा होते रहते हैं। इनमें खाना भी फंसता है, जिससे बालों का गुच्छा एक सख्त आकार ले लेता है। पीड़िता को इसीलिए पेट में कठोरता भी महसूस होती थी।
डॉक्टरों ने पहले कोशिश की कि बिना ऑपरेशन के बाल पेट से निकाले जा सकें लेकिन ऐसा करना मुश्किल हो रहा था क्योंकि बालों का गुच्छा काफी बड़ा और वजनदार था। इसीलिए डॉक्टरों ने सर्जरी की और पेट में चीरा लगाकर बालों के गुच्छे को निकाला।
बालों के गुच्छे पेट से बाहर निकलने के बाद मरीज की हालत ठीक है और अब उसे भूख भी लग रही है और पेट में हल्का भी महसूस हो रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक, मरीज अब खाना भी खा रही है और उसके वजन में भी बदलाव हुआ है।
इससे पहले एक खबर सामने आई थी कि 16 सालों से एक लड़की अपने ही सिर के बाल खा रही थी। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर पेट से बालों का गुच्छा निकाला था।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
