ट्रोलिंग के बाद गायक अरिजीत सिंह ने दी सफाई, बोले— सीजेपी का समर्थन नहीं करता
-पुलिस अपना कर्तव्य निभा रही थी
कोलकाता। प्रसिद्ध गायक अरिजीत सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से जुड़े आंदोलन और उस दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर सोशल मीडिया में की गई अपनी टिप्पणी को लेकर सफाई दी है। शुरुआती पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना और ट्रोलिंग के बाद उन्होंने एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य न तो पुलिस का विरोध करना था और न ही सीजेपी आंदोलन का समर्थन करना।
अरिजीत सिंह ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया कि वह सीजेपी के समर्थक नहीं हैं और उनका मानना है कि यह आंदोलन अब पूरी तरह निष्पक्ष नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि घटना का वीडियो देखने के बाद वह भावनात्मक रूप से विचलित हो गए थे और उसी आवेश में उन्होंने शुरुआती प्रतिक्रिया व्यक्त कर दी थी। बाद में जब उन्हें अपनी टिप्पणी की गंभीरता का एहसास हुआ तो उन्होंने तत्काल अपनी पोस्ट संपादित कर दी।
उन्होंने लिखा कि अब उन्हें महसूस होता है कि उस समय पुलिस अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रही थी और परिस्थितियों के अनुरूप कार्रवाई कर रही थी। इसी कारण उन्होंने अपनी पूर्व टिप्पणी वापस ले ली। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी भी तरह की हिंसा या हिंसक गतिविधियों में शामिल छात्रों का समर्थन नहीं करते।
अरिजीत सिंह ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता उन सामान्य नागरिकों और छात्रों को लेकर है, जो किसी भी हिंसक गतिविधि में शामिल नहीं थे, लेकिन कथित तौर पर मारपीट का शिकार हुए। उनके अनुसार, निर्दोष लोगों के साथ हिंसा किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराई जा सकती। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं और इनसे बचने के लिए समय रहते संवाद की आवश्यकता होती है।
गायक ने सवाल उठाया कि क्या हालात पूरी तरह बेकाबू होने से पहले बातचीत और आपसी संवाद के माध्यम से समस्या का समाधान नहीं निकाला जा सकता था। उनका कहना था कि यदि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग समय रहते पहल करते तो संभव है कि स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
अरिजीत सिंह ने आगे लिखा कि भारत में कई बार विरोध-प्रदर्शन अचानक हिंसक रूप ले लेते हैं और ऐसे अवसरों पर असामाजिक तथा अवसरवादी तत्व भी भीड़ का हिस्सा बन जाते हैं। सोशल मीडिया के दौर में अफवाहें और भ्रामक सूचनाएं भी तेजी से फैलती हैं, जिससे हालात और अधिक बिगड़ सकते हैं। इसलिए प्रशासन को पहले से सतर्क रहते हुए संवाद और समन्वय के जरिए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए।
अपने बयान के अंत में अरिजीत सिंह ने कहा कि उनकी राय से सभी लोग सहमत हों, यह आवश्यक नहीं है। उन्होंने लिखा कि वह भी एक सामान्य इंसान हैं और उन्होंने जो कुछ कहा, वह अपनी मानवीय संवेदनाओं और घटनाक्रम को लेकर महसूस किए गए दुख के आधार पर कहा। उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी पक्ष का समर्थन करना नहीं, बल्कि निर्दोष लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करना था।-
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
