अभिषेक के बैंक खाता फ्रीज मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई टली
हाई कोर्ट ने बैंक से मांगी रिपोर्ट
- सुप्रीम कोर्ट ने 10 अगस्त को अभिषेक को दी विदेश इलाज की अनुमति
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी बैंक खाते को फ्रीज किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर बुधवार को कलकत्ता हाई कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने मामले की सुनवाई गुरुवार तक के लिए टालते हुए संबंधित बैंक प्रबंधन से रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
अभिषेक के वकील अयन भट्टाचार्य ने सोमवार को न्यायमूर्ति राव के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया था। उन्होंने अदालत को बताया कि अभिषेक को चिकित्सा उपचार के लिए जल्द विदेश जाना है और इसी बीच उनका निजी बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया है। वकील का दावा था कि बैंक की ओर से खाते को फ्रीज करने का कारण भी नहीं बताया गया है।
अभिषेक के वकील ने यह भी सवाल उठाया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के तहत आवश्यक प्रक्रिया का पालन किए बिना बैंक खाता कैसे फ्रीज किया जा सकता है। उनके अनुसार, इस प्रावधान के तहत पुलिस को किसी खाते को फ्रीज करने के लिए संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन करना होता है। उनका दावा है कि अभिषेक के मामले में ऐसी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।
वकील की दलील सुनने के बाद न्यायमूर्ति राव ने मामले को दाखिल करने की अनुमति दी थी। अदालत ने यह भी पूछा था कि क्या अभिषेक के खिलाफ कोई जांच चल रही है। इस पर उनके वकील ने कहा कि अभिषेक अदालत के निर्देश के अनुसार जांच में सहयोग कर रहे हैं और जांच का उनके बैंक खाते को फ्रीज किए जाने से कोई संबंध नहीं है। इसके बाद अदालत ने मामले से जुड़े अन्य पक्षों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
अभिषेक को विदेश जाकर इलाज कराने की अनुमति सुप्रीम कोर्ट ने 10 अगस्त को दी थी। शीर्ष अदालत ने उन्हें तीन सप्ताह के लिए विदेश जाने और इलाज कराने की अनुमति देते हुए कहा था कि उनकी विदेश यात्रा में कोई बाधा नहीं डाली जानी चाहिए। इससे पहले विदेश जाने की अनुमति के लिए अभिषेक ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन वहां उनकी याचिका खारिज हो गई थी। इसके बाद उन्होंने 7 अगस्त की देर रात सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
