टीएमसी के बागी सांसदों का नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी में विलय का ऐलान, स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात
कोलकाता । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद लोकसभा सांसदों की पार्टी छोड़कर जाने की खबरें छन-छन कर आ रही हैं। इस बीच 20 बागी सांसदों का गुट त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय का ऐलान किया है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंपा
तृणमूल कांग्रेस की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार शाम लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंपा। काकोली घोष और शताब्दी रॉय के साथ पार्टी के कुछ सांसद लोकसभा स्पीकर बिरला के घर पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया है उनके साथ पार्टी के 20 सांसद हैं। उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से सदन में अपने गुट के सांसदों को अलग बिठाने की मांग की है।
काकोली घोष दस्तीदार ने क्या कहा?
काकोली घोष दस्तीदार ने ओम बिरला से मुलाकात करने के बाद पत्रकारों से कहा, ''हम अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) के चुने हुए सांसद थे। हमने लोकसभा स्पीकर को एआईटीसी से अपनी नाराजगी के बारे में बताया। हमने संसद में अलग से बैठने की मांग की और कहा कि नेशनलिस्ट सिटिज़ंस पार्टी के साथ विलय कर रहे हैं। हमारे साथ 20 सांसद हैं जो तृणमूल के 28 सांसदों के दो तिहाई से ज़्यादा हैं। हम एआईटीसी से अलग होकर एनडीए के साथ काम करेंगे।''
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पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चे की 35 साल तक चली सरकार को हटाकर सत्ता में आईं ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने 15 सालों तक प्रदेश में शासन किया। हालिया विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद से ममता बनर्जी और उनकी पार्टी अपने राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी चुनौती से जूझ रही है। पार्टी के नेता एक-एक कर साथ छोड़ रहे हैं। पहले ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के साथ विधानसभा में बगावत हुई उसके बाद राष्ट्रीय नेताओं में इस्तीफे का सिलसिला शुरू हुआ।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
