राम मंदिर दान पात्र प्रकरण में जांच तेज, एसआईटी को ट्रस्ट देगा पूरा सहयोग: नृपेंद्र मिश्रा
अयोध्या। राम मंदिर दान पात्र में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) जल्द ही अपना काम शुरू करेगा। राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बेहद तेजी से एसआईटी का गठन किया है और जांच में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि शनिवार को एसआईटी के गठन का निर्णय लिया गया था। रविवार अवकाश होने के कारण टीम के सदस्यों को सोमवार को औपचारिक रूप से जांच संबंधी दिशा-निर्देश और टर्म्स ऑफ रेफरेंस उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद एसआईटी अयोध्या पहुंचकर जांच प्रक्रिया शुरू करेगी।
ये खबर भी पढ़े : लखनऊ में फिर ट्रेन डिरेल करने की साजिश नाकाम, पंजाब मेल के सामने ट्रैक पर रखा 50 किलो का लोहे का चौखटउन्होंने बताया कि एसआईटी के सदस्य अयोध्या आने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर मार्गदर्शन लेने के इच्छुक हैं। इसके बाद टीम मामले की जांच शुरू करेगी।
दो पहलुओं पर होगी कार्रवाई
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि इस मामले में दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। पहला आपराधिक जांच और दूसरा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुधारात्मक उपाय। उनका कहना था कि श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने के लिए दोनों स्तरों पर प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट जांच में पूरा सहयोग देगा। एसआईटी को ट्रस्ट, भवन निर्माण समिति और जिला प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन से भी उनकी बातचीत हुई है और प्रशासन ने जांच में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया है।
मंदिर निर्माण अंतिम चरण में
तीन दिवसीय समीक्षा बैठक के बाद नृपेंद्र मिश्रा ने राम मंदिर निर्माण कार्य की प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और कई निर्माण एजेंसियां जून के अंत अथवा 15 जुलाई तक अपना कार्य पूरा कर वापस लौट जाएंगी।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य से जुड़े लगभग 90 प्रतिशत अभिलेख और जिम्मेदारियां ट्रस्ट को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। अब मंदिर के संचालन और रखरखाव की बड़ी जिम्मेदारी ट्रस्ट के पास होगी। इसके लिए एक विस्तृत ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस योजना तैयार की जा रही है।
रामकथा संग्रहालय का काम भी तेज
बैठक में अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि संग्रहालय की विभिन्न गैलरियों के 3डी प्रस्तुतीकरण और स्क्रिप्ट को मंजूरी मिल चुकी है। परियोजना पर कार्य कर रही भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास की टीम के अनुसार लगभग 90 प्रतिशत तकनीकी तैयारी पूरी हो चुकी है।
हनुमान जी पर आधारित विशेष गैलरी को भी मंजूरी दी जा चुकी है, जिसे विज्ञान मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। उम्मीद जताई गई है कि दिसंबर 2026 तक अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
श्रद्धालुओं को मिलेगा नया आध्यात्मिक अनुभव
राम मंदिर निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसके साथ ही रामकथा संग्रहालय की तैयारियां भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर दर्शन के साथ एक भव्य आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव भी प्राप्त होगा।दान पात्र प्रकरण की जांच और मंदिर परियोजनाओं की प्रगति के बीच अब सभी की निगाहें एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
