फ़िरोज़ाबाद के राम मंदिर की 52 बीघा भूमि आखिर कहा गायब हो गयी
फिरोजाबाद,घण्टाघर चौराहे के समीप वर्षो पुराने राम मंदिर से लगी 52 बीघा भूमि पर कुछ भू माफियाओं द्वारा कब्जा कर उसकी बिक्री कर दी गयी है वही प्रशासन को इसके बारे में पता ही नही चल सका और उस भूमि पर प्लाट काटकर बैनामे भी हो गये
ज़हां मुस्लिम आतांताइयों द्वारा मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी उन्ही में से एक राममंदिर फ़िरोज़ाबाद में भी था। जिसका कई वर्ष के पश्चात कोर्ट के आदेश पर निर्माण हुआ, वहीं फिरोजाबाद मैं कुछ भू माफियाओ ने उसी राममंदिर से लगी वामन बीघा जमीन ही बेच दी।
ऐसा ही एक मामला नगर के प्रमुख चौराहे घंटा घर के समीप बने भगवान राम मन्दिर का है। जहां प्रतिवर्ष रामलीला मंचन के दौरान भरत मिलाप का आयोजन होता है ,यह मंदिर काफी पुराना पेशवा राजा द्वारा बनवाया गया था, उस मंदिर से वामन बीघा जमीन लगी थी। जिसे बाईपास रोड स्थित वीनस ऑटो के पीछे बताया जाता है। जिसको आज भू मफियाओ ने बेचकर प्लॉट बना दिये। और प्रशासन सोता ही रह गया यह जमीन आखिर किसके आदेश पर अधिग्रहण हुई और तहसील में बैनामा कैसे हो गया, यह सब जांच का विषय है। प्रशासनको संज्ञान में लेकर इसकी निष्पक्षजांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए। जो लोग रामराज्य का सपना दिखाते थे ,वही आज जमीन बेच कर खा रहे हैं।
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लेखक के बारे में
रविंद्र वर्मा वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के फिरोज़ाबाद ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ के साथ वह समाचार कवरेज और रिपोर्टिंग का कार्य कर रहे हैं।
