गोंडा में पूर्व विधायक के भाई के घर फिर विजिलेंस की छापेमारी
संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच
20 अगस्त की कार्रवाई के बाद दोबारा हुई छापेमारी, आठ सदस्यीय टीम ने सुबह से शुरू की जांच
गोंडा। शहर के जानकीनगर स्थित पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव के भाई अजय श्रीवास्तव के मकान पर सोमवार सुबह एक बार फिर अयोध्या विजिलेंस की टीम पहुंची। तीन वाहनों से पहुंची आठ सदस्यीय टीम ने सुबह करीब आठ बजे से मकान के अंदर जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान मकान के आसपास सुरक्षा और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा गया। टीम ने किसी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी।
विजिलेंस टीम की यह कार्रवाई पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव और उनके भाई अजय श्रीवास्तव से जुड़े आय से अधिक संपत्ति के मामलों और एनआरएचएम घोटाले की जांच से जोड़कर देखी जा रही है। हालांकि, मौके पर मौजूद विजिलेंस अधिकारियों ने कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की। टीम के सदस्यों ने जांच की गोपनीयता का हवाला देते हुए मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर दिया।
20 अगस्त को भी हुई थी कार्रवाई
इससे पहले 20 अगस्त को अयोध्या विजिलेंस की टीम ने इसी मकान पर छापेमारी की थी। उस कार्रवाई के दौरान मकान को सील कर दिया गया था। साथ ही मौके पर एक नोटिस भी चस्पा किया गया था। बताया गया था कि एक सप्ताह के भीतर टीम दोबारा जांच के लिए यहां पहुंच सकती है।
इसी कार्रवाई के बाद सोमवार को विजिलेंस टीम फिर से मकान पर पहुंची और जांच शुरू की। टीम के दोबारा पहुंचने के बाद इलाके में भी लोगों की नजरें कार्रवाई पर बनी रहीं, हालांकि अधिकारियों ने किसी तरह की जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच
बताया जा रहा है कि पिछली कार्रवाई के दौरान विजिलेंस टीम को करोड़ों रुपये की संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज और अन्य अभिलेख मिले थे। अब इन्हीं दस्तावेजों के साथ अन्य रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। विजिलेंस टीम यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन का स्रोत क्या है और उनका आरोपों से क्या संबंध है।हालांकि, दस्तावेजों से संबंधित विस्तृत जानकारी अभी विजिलेंस की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है।
एनआरएचएम मामले में पूर्व विधायक की गिरफ्तारी
मामला एनआरएचएम घोटाले से जुड़े पुराने प्रकरण से भी जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव को जून माह में इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।वहीं, उनके भाई अजय श्रीवास्तव के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति से संबंधित मामला विजिलेंस में दर्ज होने की बात सामने आई है। अजय श्रीवास्तव के बाराबंकी स्वास्थ्य विभाग में क्लर्क के पद पर तैनात होने की जानकारी भी सामने आई है।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी स्थिति
फिलहाल विजिलेंस टीम की कार्रवाई जारी है। अधिकारी मकान के अंदर मौजूद दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की जांच कर रहे हैं। टीम की ओर से कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं।विजिलेंस की ओर से आधिकारिक जानकारी जारी होने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
