सरोजनीनगर में वाहन चोर गैंग का खुलासा, 8 बाइक बरामद
गैंग के सरगना समेत दो आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग पुलिस संरक्षण में; 120 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालकर पहुंची पुलिस
लखनऊ। सरोजनीनगर थाना पुलिस ने वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए अंतरजनपदीय मोटरसाइकिल चोर गिरोह के सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर चोरी की आठ मोटरसाइकिलें तथा कूटरचित नंबर प्लेट बरामद की हैं। बरामद वाहनों की अनुमानित कीमत करीब सात लाख रुपये बताई गई है। पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह चोरी की मोटरसाइकिलों की नंबर प्लेट बदलकर उनका इस्तेमाल दूसरी वारदातों में भी करता था।
120 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले
सरोजनीनगर क्षेत्र में मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देशन में चार पुलिस टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने घटनास्थलों और आसपास के इलाकों के 120 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों, मैनुअल जांच और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाया गया। लगातार जांच के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची और 17 सितंबर को उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
दो बाइक चोरी की घटनाओं से खुला मामला
पुलिस के मुताबिक, बिजनौर क्षेत्र के पटवारी मोहल्ला निवासी अनिल कुमार ने मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके अलावा बिजनौर रोड, स्कूटर इंडिया क्षेत्र निवासी श्याम नारायण सिंह की मोटरसाइकिल चोरी होने के संबंध में भी सरोजनीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
इन दोनों घटनाओं समेत क्षेत्र में सामने आ रही वाहन चोरी की वारदातों को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज की। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के जरिए संदिग्धों की पहचान की गई। पूछताछ के दौरान पुलिस को चोरी की अन्य मोटरसाइकिलों के संबंध में भी जानकारी मिली।
चोरी की बाइक से ही करते थे दूसरी चोरी
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे अलग-अलग इलाकों में घूमकर मोटरसाइकिल चोरी करने का मौका तलाशते थे। मौका मिलते ही बाइक चोरी कर लेते थे। इसके बाद उसकी असली नंबर प्लेट हटा देते या बदल देते थे।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य चोरी की मोटरसाइकिलों पर कूटरचित नंबर प्लेट लगाते थे। इन्हीं चोरी की गई बाइकों का इस्तेमाल दूसरे इलाकों में जाकर नई मोटरसाइकिल चोरी करने के लिए भी किया जाता था। चोरी के वाहनों को अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखा जाता था और पर्याप्त संख्या में मोटरसाइकिलें एकत्र होने के बाद उन्हें बेचने की तैयारी की जाती थी।
गौरी बाजार और स्कूटर इंडिया से भी चोरी का खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 11 सितंबर को सरोजनीनगर के गौरी बाजार और 14 सितंबर को स्कूटर इंडिया चौराहे के पास से भी मोटरसाइकिल चोरी की गई थी। पुलिस ने इन घटनाओं से जुड़े मामलों को भी जांच में शामिल किया है।
बरामद आठ मोटरसाइकिलों में कुछ बिना नंबर प्लेट के मिलीं, जबकि कुछ पर कूटरचित नंबर प्लेट लगी हुई थी। पुलिस अब बरामद वाहनों के वास्तविक मालिकों और उनसे जुड़े अन्य मामलों की जानकारी जुटा रही है।
सरगना पर पहले से कई मुकदमे
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी योगेन्द्र कुमार उर्फ योगेन्द्र सिंह उर्फ विक्की को गिरोह का सरगना बताया गया है। वह मूल रूप से उन्नाव जिले का रहने वाला है और वर्तमान में सरोजनीनगर क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहा था। उसके खिलाफ लखनऊ और उन्नाव के विभिन्न थानों में चोरी, चोरी की संपत्ति रखने और गैंगस्टर एक्ट समेत कई मामले पहले से दर्ज बताए गए हैं।
दूसरे आरोपी बासुदेव के खिलाफ भी लखनऊ के पारा थाने में मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
करीब सात लाख रुपये की बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल आठ मोटरसाइकिल बरामद की हैं। इनमें यूपी32एनके-6257, यूपी32क्यूए-1671, यूपी32जीवी-2410 समेत अन्य मोटरसाइकिलें शामिल हैं। कुछ बाइक बिना नंबर प्लेट के मिलीं, जबकि कुछ पर कूटरचित नंबर प्लेट लगी हुई थी।
पुलिस के अनुसार, बरामद मोटरसाइकिलों की कुल अनुमानित कीमत करीब सात लाख रुपये है। बरामदगी और पूछताछ के आधार पर पुलिस वाहन चोरी से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।
न्यायालय के समक्ष पेश किए गए आरोपी
पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लेकर किशोर न्याय संबंधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, तीनों से मिली जानकारी और बरामद वाहनों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
इस कार्रवाई में सरोजनीनगर थाना पुलिस टीम शामिल रही। पुलिस का कहना है कि वाहन चोरी के नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
