200 करोड़ की चिटफंड ठगी में दो सगे भाई गिरफ्तार
अमर ज्योति कंपनी के संचालक शशिकांत और सूर्यकांत पर था 50-50 हजार का इनाम
एसटीएफ नोएडा और कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
बदायूं। अमर ज्योति चिटफंड कंपनी के नाम पर बदायूं और बरेली में 200 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के आरोप में लंबे समय से फरार चल रहे दो सगे भाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ नोएडा यूनिट और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने कंपनी संचालक शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपितों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। अग्रिम विधिक कार्रवाई के बाद मंगलवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के कटरा चांद खां निवासी शशिकांत मौर्य, सूर्यकांत मौर्य और उनके भाई श्रीकांत मौर्य ने बदायूं में अमर ज्योति चिटफंड कंपनी संचालित की थी। कंपनी ने निवेशकों तक पहुंच बनाने के लिए जिले में 150 से अधिक एजेंट लगाए थे। कुछ सूचनाओं के अनुसार एजेंटों की संख्या 200 से अधिक भी बताई गई है। इन्हीं एजेंटों के माध्यम से जिले के हजारों लोगों के साथ-साथ सैकड़ों अधिवक्ताओं से निवेश कराया गया।
रकम वापसी का समय आया तो बंद कर दी कंपनी
आरोप है कि कंपनी ने निवेशकों से 200 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जमा कराई। जब निवेश की अवधि पूरी होने पर लोगों ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो कंपनी संचालक कार्यालय बंद कर फरार हो गए। इसके बाद निवेशकों में आक्रोश फैल गया और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू हुई।

मामले में सदर कोतवाली में धोखाधड़ी, गबन, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए। अब तक चार मुकदमे सामने आ चुके हैं। जांच के दौरान कंपनी से जुड़े आठ एजेंटों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए ली थी न्यायालय की शरण
मुख्य आरोपित शशिकांत और सूर्यकांत लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों ने न्यायालय की शरण भी ली थी। पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी थी।
पुलिस के मुताबिक, कोतवाली में दर्ज मुकदमों में वांछित दोनों भाइयों की गिरफ्तारी के लिए डीआईजी बरेली रेंज की ओर से एक जुलाई 2025 को 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसके बाद से पुलिस और एसटीएफ की टीमें आरोपितों की तलाश कर रही थीं।
निवेश और एजेंट नेटवर्क को लेकर पूछताछ
एसटीएफ नोएडा यूनिट और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे कंपनी के संचालन, निवेशकों से जमा कराई गई रकम, एजेंटों के नेटवर्क और फरारी के दौरान उनके ठिकानों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
आरोप है कि दोनों भाइयों ने बदायूं में अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड के नाम से कार्यालय खोलकर लोगों को निवेश के लिए आकर्षित किया था। कंपनी में रकम जमा कराने के बाद निवेशकों को भुगतान का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में कंपनी बंद कर दी गई।
बरेली में भी सामने आया मामला
जांच के दौरान बरेली में भी कंपनी संचालकों के खिलाफ ठगी का मामला सामने आया है। बारादरी थाने में नगर निगम की एक महिला कर्मचारी की ओर से भी आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस अब बदायूं के साथ बरेली में दर्ज मामलों और कंपनी के पूरे नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है।
एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपितों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
