लखीमपुर-खीरी,08 सितंबर(तरुणमित्र)। सरकारी अभिलेखों में अनियमितता की शिकायत पर सीडीओ अभिषेक कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई की। परिवार रजिस्टर में बाहरी महिला का नाम बिना सक्षम स्तर की स्वीकृति के दर्ज किए जाने और फर्जी नकल जारी करने के मामले में सीडीओ ने संबंधित अभिलेख तलब कराए। सत्यापन में अनधिकृत एंट्री की पुष्टि होने पर ग्राम पंचायत सचिव मनोज यादव को निलंबित कर दिया गया। सीडीओ ने प्रकरण की विस्तृत जांच के भी निर्देश दिए हैं, जिससे अभिलेख में हुई अनियमितता की पूरी कड़ी सामने आ सके।
मामला ग्राम कादीपुर के मजरा सफियापुर का है। यहां निवासी अरविंद कुमार ने सीडीओ अभिषेक कुमार के समक्ष उपस्थित होकर शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार रजिस्टर में एक महिला को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बिना सक्षम स्तर की स्वीकृति के गलत एंट्री की गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, परिवार रजिस्टर की इसी प्रति का इस्तेमाल न्यायालय में भी लाभ लेने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
शिकायत मिलते ही अभिलेख तलब, सत्यापन में सामने आई अनधिकृत एंट्री
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सीडीओ ने संबंधित कर्मचारी को अभिलेख सहित कार्यालय में तत्काल तलब किया। अभिलेखों के सत्यापन में परिवार रजिस्टर में बाहरी महिला की एंट्री किए जाने का तथ्य सामने आया। बताया गया कि दर्ज महिला के आधार कार्ड में परिवार रजिस्टर में भिन्नता है। नकल जो जारी की गई थी उसमें भी तथ्यों के साथ हेराफेरी पाया गया। प्रथमदृष्टया अनियमितता सामने आने पर ग्राम पंचायत सचिव मनोज यादव को निलंबित कर दिया गया।
अब खंगाली जाएगी पूरी प्रक्रिया, अन्य भूमिका भी जांच के दायरे में...
सीडीओ ने मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में परिवार रजिस्टर में एंट्री की प्रक्रिया, संबंधित अभिलेखों के आधार और उसके बाद प्रति के उपयोग सहित पूरे प्रकरण की पड़ताल की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि अनियमित एंट्री में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका रही या नहीं।
लगातार दूसरी कार्रवाई नहीं,तीसरी कार्रवाई की ओर बढ़ता प्रशासन का सख्त रुख
बताते चलें कि सीडीओ अभिषेक कुमार हाल ही में दो अन्य ग्राम पंचायत सचिवों को भी निलंबित कर चुके हैं। लगातार हो रही कार्रवाई से सरकारी अभिलेखों और पंचायत स्तर के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के बीच सख्त संदेश गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी अभिलेखों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होगी।