गोला गोकर्णनाथ-खीरी,09 सितम्बर(तरुणमित्र)। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, जमुनाबाद, लखीमपुर खीरी द्वारा ग्रामीण युवा रोजगार परक प्रशिक्षण के अंतर्गत चल रहे पांच दिवसीय बकरी पालन पर प्रशिक्षण के आज तीसरे दिन केंद्र के अध्यक्ष डॉ. एस.के. विश्वकर्मा ने कहा कि यदि लक्ष्य बनाकर सुनियोजित तरीके से बकरी पालन व्यवसाय शुरू किया जाए तो सफलता निश्चित होगी, इसके लिए निर्णय लेना बहुत जरूरी होता है, व्यवसाय में सफलता पाने के लिए निवेशों की व्यवस्था का उचित प्रबंधन द्वारा ही मनवांछित परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. एन.के. त्रिपाठी ने बकरी पालन विषय पर चर्चा करते हुए बकरियों में प्रजनन की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि बकरियों को उचित मात्रा में पोषण युक्त चारा-दाना दिया जाए तो उनमें समय पर गर्भधारण होता है और मेमनो का अच्छा विकास भी होता है।उन्होंने बकरियों के लिए आहार के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी दी और कहा कि पशुपालक इन बताई गई।
तकनीको का उपयोग कर बकरियों के लिए चारा स्वयं बना सकते हैं जिसमे लागत भी कम आती है। केंद्र के प्रसार वैज्ञानिक डॉ. जिया लाल गुप्ता ने कहा कि बकरियों के लिए खिलाये जाने वाले आहार को बनाकर और उसका मार्केटिंग कर एक व्यवसाय भी पैदा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बकरी के दूध में विभिन्न पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए बकरी के दूध पीने से हमारे शरीर की इम्युनिटी बढ़ती है अर्थात यदि हम बकरी के दूध का सेवन करते हैं तो हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और आज की बढ़ती हुई जीवन शैली बीमारियों और विकारों से स्वयं, परिवार और बच्चों को एक सीमा तक बचा सकते हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के 25 जागरूक किसान प्रतिभाग कर बकरी पालन की आधुनिक सफल एवं व्यावहारिक तकनीकी ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं।
पिछले एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय विजय पाल खबरों की तेज़ समझ और ज़मीनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं। रिपोर्टिंग और समाचार लेखन के क्षेत्र में उन्होंने निरंतर काम किया है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।