लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सितंबर के बाद फिर लगेगा टोल
बारिश थमते ही सितंबर के आखिरी सप्ताह में होगा सड़क का ओवरले, जर्क और खामियां दूर होने के बाद शुरू होगी वसूली
लखनऊ। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर करीब एक महीने से मुफ्त सफर कर रहे वाहन चालकों को अब सितंबर के बाद टोल देना पड़ सकता है। सड़क की गुणवत्ता में सामने आई खामियों के कारण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने टोल वसूली पर रोक लगा दी थी। अब बारिश रुकने के बाद सितंबर के आखिरी सप्ताह में सड़क का ओवरले कराने की तैयारी है। सड़क की खामियां और जर्क दूर होने के बाद टोल बूथ दोबारा शुरू कर निर्धारित दर के अनुसार शुल्क वसूला जाएगा।
बारिश थमने का इंतजार
एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल लगातार बारिश के कारण सड़क और उसके किनारे की मिट्टी व फुटपाथ पूरी तरह सूखे नहीं हैं। ऐसे में बड़े स्तर पर सुधार कार्य कराने में दिक्कत आ रही है। बारिश रुकने के बाद सड़क को पर्याप्त रूप से सूखने दिया जाएगा और इसके बाद ओवरले का काम शुरू कराया जाएगा।
ओवरले के जरिए सड़क को अधिक सपाट बनाने के साथ सफर के दौरान महसूस होने वाले जर्क को खत्म करने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सड़क का काम पूरा होने के बाद वाहन चालकों को पहले की तुलना में बेहतर और सुविधाजनक सफर मिल सकेगा।
सड़क की खामियों के बाद रोकी गई थी टोल वसूली
लोकार्पण के बाद एक्सप्रेसवे की सड़क पर जगह-जगह सामने आई खामियों को लेकर एनएचएआई को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था। सड़क पर जर्क और अन्य समस्याओं के कारण वाहन चालकों को अपेक्षित आरामदायक सफर नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद एनएचएआई ने टोल वसूली पर रोक लगा दी थी।
करीब एक महीने से एक्सप्रेसवे पर वाहन चालक बिना टोल शुल्क के सफर कर रहे हैं। अब सड़क में सुधार होने के बाद यह सुविधा समाप्त होने की तैयारी है।
अधिकारियों पर भी हुई कार्रवाई
सड़क की गुणवत्ता को लेकर एनएचएआई ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के स्तर पर भी कार्रवाई की थी। आठ अगस्त को लखनऊ के तत्कालीन परियोजना निदेशक (पीडी) नकुल प्रकाश वर्मा को पद से हटा दिया गया था। वहीं, पूर्व पीडी सौरभ चौरसिया के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई थी।
इसके अलावा निर्माण एजेंसी के तीन इंजीनियरों को एनएचएआई के कार्यों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। सड़क की खामियों के लिए जिम्मेदारी तय करने के साथ ही उन्हें दूर करने की दिशा में भी काम शुरू किया गया।
आईआईटी की रिपोर्ट का भी इंतजार
एक्सप्रेसवे की सड़क की गुणवत्ता और उसमें सुधार को लेकर आईआईटी की रिपोर्ट भी आने वाली है। एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक रिपोर्ट में दिए जाने वाले सुझावों के आधार पर सड़क में आवश्यक अतिरिक्त सुधार कराए जाएंगे।
बारिश के बाद सड़क के साथ-साथ किनारे के फुटपाथ और मिट्टी को भी दुरुस्त किया जाएगा। इसके बाद सड़क की स्थिति का आकलन करते हुए जरूरी काम पूरे किए जाएंगे।
सुधार पूरा होते ही शुरू होगी टोल वसूली
एनएचएआई का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर जर्किंग और दूसरी समस्याओं को दूर करने के बाद ही टोल शुल्क शुरू किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार सड़क पर सुविधाजनक सफर शुरू होते ही निर्धारित दरों के अनुसार वाहन चालकों से टोल वसूला जाएगा।
एनएचएआई के पीडी नवरतन के अनुसार, बारिश रुकने और सड़क व किनारे का हिस्सा सूखने के बाद सुधार कार्य कराया जाएगा। ओवरले और आवश्यक सुधार पूरे होने के बाद एक्सप्रेसवे पर टोल बूथ दोबारा चालू किए जाएंगे।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
