NEET परीक्षा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम: एसीपी के नेतृत्व में पुलिस बल रहा मुस्तैद
बख्शी का तालाब। इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर रविवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा बेहद कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच आयोजित की गई। परीक्षा को पूरी तरह शुचितापूर्ण, पारदर्शी और नकल विहीन बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व बंदोबस्त किया गया। सुबह से ही परीक्षा केंद्र के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात दिखा।
परीक्षा केंद्र की सुरक्षा कमान खुद एसीपी बीकेटी विकास पांडे संभाल और उनके नेतृत्व में बीकेटी पुलिस टीम सुबह से ही परीक्षा केंद्र के आसपास मुस्तैद नजर आई। छात्रों के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह खुद मौके पर मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। परीक्षा शुरू होने के बाद भी एसीपी विकास पांडे लगातार बल के साथ क्षेत्र में गश्त करते नजर आए, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।प्रशासन ने समय की पाबंदी को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया। नियमों के मुताबिक, दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई। मुख्य गेट को ठीक डेढ़ बजे बंद कर दिया गया। इसके बाद पहुंचे कुछ लेट लतीफ छात्रों को सख्त हिदायत के साथ मायूस लौटना पड़ा। परीक्षा का मुख्य समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित किया गया, जिसके दौरान किसी को भी बाहर आने की अनुमति नहीं।
इस बार परीक्षा केंद्र के भीतर और बाहर आधुनिक तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। केंद्र में प्रवेश करने वाले हर एक छात्र की त्रिस्तरीय सुरक्षा जांच की गई।फर्जीवाड़े और सॉल्वर गैंग को रोकने के लिए हर छात्र का बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट और फेस मैचिंग की गई। केंद्र के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की गई और मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्टर से गहन चेकिंग की गई।ड्रेस कोड और एंटी-चीटिंग नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए छात्रों की व्यक्तिगत वस्तुओं की गहन तलाशी ली गई। परीक्षार्थियों के जूते, बेल्ट, हाथ की घड़ियां, और किसी भी प्रकार के धातु के गहने (जैसे अंगूठी, चेन, कान की बाली) को केंद्र के बाहर ही उतरवा दिया गया। छात्रों को केवल चप्पल या कम हील वाले सैंडल में ही प्रवेश की अनुमति मिली।
परीक्षा केंद्र के आसपास भीड़ को इकट्ठा होने से रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। केंद्र के 200 मीटर के पूरे दायरे में धारा 144 लागू कर दी गई । इसके तहत परीक्षा केंद्र के ठीक बाहर अभिभावकों को भी रुकने या मजमा लगाने की इजाजत नहीं दी गई। पुलिसकर्मी लगातार लाउडस्पीकर और गश्त के माध्यम से लोगों को केंद्र से दूर रहने की अपील करते दिखे, ताकि परीक्षार्थियों को बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण माहौल मिल सके।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
