जून की तपिश से बेहाल उतरौला, सड़कों पर पसरा सन्नाटा, अस्पतालों में बढ़े लू के मरीज
मोहम्मद अय्यूब
उतरौला, (बलरामपुर)। जून माह की शुरुआत के साथ ही उतरौला तहसील क्षेत्र भीषण गर्मी और उमस की चपेट में है। सुबह सूर्योदय होते ही तेज धूप लोगों को झुलसाने लगती है और दोपहर तक स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। गर्म हवाओं और उमस भरे मौसम ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
बाजारों पर भी पड़ा असर
तेज धूप और बढ़ते तापमान का असर स्थानीय बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय ग्राहकों की संख्या कम हो जाने से व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। दुकानदारों का कहना है कि सुबह और शाम के समय कुछ चहल-पहल रहती है, लेकिन दोपहर में अधिकांश सड़कें और बाजार सूने दिखाई देते हैं। लोग आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
ये खबर भी पढ़े : श्रीराम कथा का चतुर्थ दिवस: महतारी शब्द में निहित है वात्सल्य का अद्भुत भाव : रामभद्राचार्यअस्पतालों में बढ़े मरीज
भीषण गर्मी का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर पड़ रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में गर्मी से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, बुखार, उल्टी-दस्त, चक्कर आने, कमजोरी तथा लू लगने जैसी शिकायतों के साथ मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
डॉक्टर की सलाह
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला के अधीक्षक डॉ. चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में गर्मी और उमस के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो सिर को कपड़े या टोपी से ढककर निकलें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
डॉ. सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी होने का खतरा अधिक रहता है। इसलिए लोगों को ओआरएस घोल, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी प्रकार की गंभीर परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
स्वास्थ्य विभाग सतर्क
मौसम की इस स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क है। अस्पतालों में आवश्यक दवाओं और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है ताकि गर्मी से प्रभावित मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
बारिश का इंतजार
क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार वृद्धि और उमस के कारण दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है। लोग अब मानसून की पहली बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते तापमान के बीच सावधानी और सतर्कता ही लू एवं गर्मी जनित बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
