डिजीटल या फिजीकल क्राइम दोनों में अपराधी साक्ष्य छोड़ता ही हैः डॉ राजेश्वर
डॉ राजेश्वर ने विधायक निधि से शैक्षणिक कार्यो के लिए देंगे 25 लाख
लखनऊ। यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ़ फॉरेंसिक साइंस लखनऊ में उ0प्र0 पुलिस तकनीकी सेवाऐं द्वारा आयोजित “क्राइम सीन मैनेजमेन्ट” के चौथे बैच का कोर्स संपन्न हुआ। समापन सत्र में मुख्य अतिथि डॉ सरोजनी नगर विधायक राजेश्वर सिंह थे,जिन्हें संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ जी.के गोस्वामी,आईजी राजीव मल्होत्रा तथा डीआईजी हेमराज मीना ने मंच पर स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर विधायक ने संसथान के अधिकारीयों के साथ वृक्षारोपण भी किया। कोर्स में प्रदेश के विभिन्न कमिश्नरेट एवं जिलों से आरक्षी से लेकर उप निरीक्षक रैंक के कुल 98 पुलिस अधिकारियो ने प्रतिभाग किया था। यह कोर्स 45 दिवस तक चला जिसमे विषय विशेषज्ञों ने क्राइम सीन मैनेजमेन्ट कोर्स में साक्ष्य संकलन एवं घटना स्थल की बारीकियो का गहन अध्ययन कराया। कोर्स के संयुक्त परीक्षा में प्रथम,द्वितीय तथा तृतीय अंक प्राप्त करने वाले पुलिस कर्मियों राकेश प्रसाद, राहुल सिंह तथा सचिन कुमार को पुरस्कृत भी किया गया।
ये खबर भी पढ़े : टीजीटी परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा, दूसरे अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दे रहा युवक गिरफ्तारमुख्य अतिथि विधायक डॉ राजेश्वर सिंह ने सभागार में उपस्थित पुलिस अधिकरियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में फॉरेंसिक सबसे महत्वपूर्ण है। न्याय दिलाना,निर्दोष व्यक्ति को बचाना और सजा दिलाना ये तीनो महत्वपूर्ण है। आज के समय में अपराध का स्वरूप बदल रहा है चाहे वह डिजीटल क्राइम हो या फिजीकल दोनों में अपराधी साक्ष्य छोड़ता ही छोड़ता है। एसे में आप लोगों का दायित्व महत्वपूर्ण हो जाता है।
आर्थिक अपराध के मामले बढ रहे हैं अगर कुछ आंकड़े उठाते हैं तो हम पाते हैं कि दो लाख से अधिक मामले तो साल भर में आर्थिक अपराधों के आते हैं और गरीब लोगों की गाढ़ी कमायी को हड़प जाते है। विधायक ने अपने इडी में सर्विस के दौरान किये गये आर्थिक अपराधों के विरूद्व किये गये कार्यों पर भी प्रकाष डाला। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक पहलुओं पर की गयी विवेचना ही लोगों को न्याय दिला सकती है आने वाला समय फाइनेन्सियल इनवेस्टिगेषन का है।
लोगों को डिजीटल अरेस्ट करके ठगी किया जा रहा है इसमें भी साक्ष्य आईपी एडे्रस के मिलते हैं अब जाँच अधिकारी के उपर निर्भर करता है कि वह कितना जल्दी कार्यवाही कर लोगों के पैसे बाहर जाने से रोक पाता है। विधायक डॉ0 सिंह ने कहा कि जमाना आर्टिफिसियल इन्टेलिजेन्स का है। विधायक डॉ राजेश्वर सिंह ने अपने विधायक निधि से शैक्षणिक कार्यो के विकास हेतु 25 लाख रूपये देने के लिए मंच से घाोषणा की।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
