विवाह के नाम पर नाबालिग किशोरियों की मानव तस्करी का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार
दूसरे राज्यों में बेचने वाले गिरोह का खुलासा
मास्टरमाइंड युवती लिव-इन पार्टनर संग चला रही थी गैंग
लखनऊ। मोहनलालगंज पुलिस ने विवाह के नाम पर नाबालिग किशोरियों की मानव तस्करी का भंडा-फोड़ किया है। यह गिरोह नाबालिग किशोरियों को शादी के नाम पर राजस्थान में बेचदेता था। गिरोह की सरगना युवती समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह की सरगना युवती अपने लिव-इन पार्टनर के साथ आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय लड़कियों को निशाना बनाती थी। उन्हें बहला-फुसलाकर राजस्थान भेजती थी। जहां उनकी पैसों के बदले शादी कराई जाती थी।
डीसीपी साउथ अमित कुमार आनंद ने बताया 12 मई को मोहनलालगंज इलाके की एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 16 और 12 वर्षीय नाबालिग नातिनों को नाबालिग रिश्तेदार और उसकी साथी प्रिया पटेल बहला-फुसलाकर कहीं ले गई है। मामले में पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
ये खबर भी पढ़े : विश्व पर्यावरण दिवस पर लक्ष्य के अनुरूप हो पौधारोपण, संरक्षण पर भी दें विशेष ध्यान: कृष्णा पासवानडीसीपी ने चार पुलिस टीमों का गठन किया। पुलिस ने करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और टेक्निकल व मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर 18 मई को दोनों बालिकाओं को सकुशल बरामद कर लिया। बालिकाओं के बयान में सामने आया कि उन्हें शादी कराने के लिए राजस्थान के कोटा ले जाया जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए बुधवार को अतरौली क्रॉसिंग के पास से रायबरेली निवासी अनुराग यादव (25), मोहम्मद अख्तर (32), प्रिया पटेल (23) और एक 17 साल के नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पता चला कि प्रिया पटेल ने नाबालिक की मदद से दोनों बहनों को यह कहकर अपने साथ चलने के लिए तैयार किया कि वह उन्हें उनकी मां से मिलवाएगी, जो कई साल पहले कहीं चली गई थी। भरोसा होने पर दोनों बच्चियां उनके साथ चली गईं। आरोपी पहले उन्हें रायबरेली ले गए। जहां नए कपड़े पहनाकर उनकी तस्वीरें खींची गईं। बाद में ये तस्वीरें राजस्थान के कोटा में रहने वाली सोनम और उसके पति भूपेंद्र चौधरी को व्हाट्सएप पर भेजी गईं। वहां से बच्चियों को लाने के निर्देश दिए गए थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि प्रिया पटेल की मुलाकात साल 2020 में कोटा निवासी सोनम से हुई थी। सोनम ने उसे गरीब और सुंदर लड़कियों की शादी कराकर मोटी रकम कमाने का लालच दिया था। इसके बाद प्रिया अपने लिव-इन पार्टनर अनुराग यादव और साथी मोहम्मद अख्तर के साथ मिलकर ऐसे परिवारों की लड़कियों की तलाश करती थी। जिनके माता-पिता न हों या आर्थिक स्थिति कमजोर हो। उन्हें घुमाने-फिराने और नए कपड़े दिलाने का लालच देकर अपने साथ ले जाया जाता था। बाद में राजस्थान में पैसों के बदले उनकी शादी कराई जाती थी।
पूछताछ में प्रिया ने बताया कि एक लड़की की शादी कराने पर उसे सोनम और उसके पति से 1 से 1.5 लाख रुपए तक मिलते थे। पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों ने स्वीकार किया है कि इससे पहले भी रायबरेली की दो बहनों को राजस्थान में शादी के लिए बेच चुके हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, विशेषकर राजस्थान में सक्रिय सोनम और उसके पति भूपेंद्र चौधरी की तलाश कर रही है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
