लखनऊ। स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से “ वायु मित्र अभियान ” की शुरुआत की गई है। इस अभियान के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ.सूर्यकान्त को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह अभियान स्वच्छ वायु को प्रत्येक नागरिक का अधिकार मानते हुए जनभागीदारी, जागरूकता, व्यवहार परिवर्तन तथा नीति समर्थन के माध्यम से “ स्वच्छ वायु–स्वस्थ जीवन ” के लक्ष्य को साकार करने का प्रयास करेगा। ज्ञात रहें कि डॉ.सूर्यकान्त लंग केयर फाउंडेशन व ‘ डॉक्टर्स फॉर क्लीन एयर एंड क्लाइमेट एक्शन’के वायु मित्र अभियान के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दी गयी है। वायु मित्र अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डॉ.सूर्यकांत ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार वायु प्रदूषण प्रतिवर्ष दुनिया में लगभग 70 लाख और भारत में बीस लाख समयपूर्व मौतों का कारण बनता है। भारत के कई शहर विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल हैं,जहां PM 2.5 और PM 10 जैसे सूक्ष्म कणों का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के अनेक शहर भी इस चुनौती का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं,बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य आपदा है। डॉ.सूर्यकांत ने कहा कि वायु प्रदूषण आज विश्व के सामने सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक बन चुका है। उन्होंने कहा कि मानव भोजन के बिना तीन सप्ताह और पानी के बिना तीन दिन तक जीवित रह सकता है,लेकिन स्वच्छ वायु के बिना तीन मिनट से अधिक जीवित नहीं रह सकता। एक व्यक्ति प्रतिदिन लगभग 25 हजार बार श्वास लेता है तथा लगभग 10 हजार लीटर वायु उसके फेफड़ों से होकर गुजरती है,जिससे हमें रोज 500 लीटर ऑक्सीजन मिलती है,जो हमें न सिर्फ जिंदा रखती है बल्कि काम करने के लिए ऊर्जा भी प्रदान करती है। ऐसे में वायु की गुणवत्ता का सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है। वायु मित्र अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डॉ.सूर्यकान्त ने कहा कि स्वच्छ वायु केवल सरकारी योजनाओं से नहीं बल्कि जनभागीदारी से संभव है। अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को “ वायु मित्र ” बनाकर उसके समाधान का सक्रिय भागीदार बनाना है।
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।