कुकरैल वन क्षेत्र में फर्राटा भरते वाहनों ने दिया पर्यावरण प्रदूषण का संदेश!
सीएम के कार्यक्रम के बीच कुकरैल वन क्षेत्र में पहुंची तीन दर्जन से अधिक गाड़ियां
सत्य प्रकाश भारती
- विशेषज्ञों का कहना पर्यावरण पर पड़ता है प्रतिकूल प्रभाव
- सीएम के साथ वन मंत्री सहित अवनीश अवस्थी रहे मौजूद
लखनऊ। शुक्रवार पर्यावरण दिवस के मौके सीएम योगी कुकरैल वन क्षेत्र में एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम वन मंत्री की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ। सीएम के इस कार्यक्रम के बीच वन क्षेत्र में पहुंची तीन दर्जन से अधिक गाड़ियों ने पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाला। बड़ी संख्या में पहुंची इन गाड़ियों ने पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाला। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह से वन क्षेत्र ही नहीं वन्य जीवों के जीवन पर भी प्रभाव पड़ता है।
शुक्रवार कुकरैल वन रेंज में पहुंची लगभग तीन दर्जन से अधिक गाड़ियों को देखकर सभी हैरान थे। इस कार्यक्रम में सीएम और वन मंत्री अरुण सक्सेना सहित अवनीश अवस्थी भी मौजूद थे। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम लगाकर पर्यावरण का संदेश दिया। इस दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में अधिकारी भी मौजूद रहे। सीएम की सुरक्षा के लिए लगाई गई पुलिस टीमों की गाड़ियों की संख्या की गिनती नहीं की जा सकती। वहीं इस कार्यक्रम के दौरान सीएम के साथ वन मंत्री भी मौजूद रहे।
शुक्रवार को सीएम योगी कुकरैल वन रेंज क्षेत्र में वन विभाग की तरफ से आयोजित एक पेड़ मान के नाम कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ वन मंत्री सहित भरी भरकम संख्या में अधिकारी मौजूद थे। कुकरैल वन क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में जाने के लिए सीएम,वन मंत्री और अधिकारीयों सहित लगभग दो दर्जन से अधिक गाड़ियों का काफिला पहुंचा था। सीएम और वन मंत्री की सुरक्षा के लिए कालिदास मार्ग से वन क्षेत्र तक भारी-भरकम पुलिस बल भी लगाया गया था। उनकी गाड़ियों की संख्या करना मुश्किल था। इस अभियान के दौरान प्रदेश भर में पांच करोड़ पौधे लगाए गए।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना और पौधारोपण महाअभियान -2026 के लोगो का अनावरण किया, वहीं कुकरैल में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाभियान का शुभारंभ कर प्रदेशवासियों को प्रकृति संरक्षण का संकल्प दिलाया। सीएम ने इस अवसर पर कहा कि जल है तो कल है और वन है तो जीवन है। पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनना चाहिए।
सीएम ने कुकरैल वन रेंज आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कपूर का पौधा लगाकर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की। यहां पर उन्होंने महर्षि चरक औषधि वन की स्थापना भी की। उनकी उपस्थिति में 200 से अधिक पौधे रोपे गए। वन मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना ने आंवला, वन राज्यमंत्री केपी मलिक ने नीम तथा विधायक ओपी श्रीवास्तव ने आंवला का पौधा लगाया। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ सेल्फी भी ली। इस दौरान बच्चों और आमजन ने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं।
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इस समय जलवायु परिवर्तन को लेकर हम सब एक महाअभियान चला रहे हैं। वहीं वाहनों से निकलने वाला कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड पर्यावरण पर लगातार प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। वन क्षेत्रों में वाहनों की संख्या की बात की जाए तो हमें इससे बचना चाहिए। इसके लिए नियम और कानून भी हैं। लेकिन विशेष परिस्थित में यह नियम छोटे पड़ जाते हैं। चूंकि पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी हम सबकी है,अतः वन क्षेत्रों में अधिक सावधानियां बरतनी चाहिए। ऐसे कृत्यों से बचना चाहिए। - प्रोफेसर नन्द किशोर, बीबीएयू , पर्यावरण विज्ञान |
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

