रोल मॉडल बना यूपी का पंचायती राज, नेशनल कंपेंडियम' में शामिल डिजिटल पहल
ग्राम सचिवालयों को पूरी तरह क्रियाशील और जवाबदेह बनाने को डिजिटल सिस्टम किया लागू
मांग सृजन से लेकर तत्काल बैंक मिलान की प्रक्रिया को किया डिजिटल जिससे रुकी टैक्स चोरी
लखनऊ। पंचायती राज विभाग प्रदेश में ग्रामीण सुशासन और डिजिटल क्रांति की नई परिभाषा लिख रहा है। केन्द्रीय भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय संकलन 'नेशनल कंपेंडियम' में उत्तर प्रदेश की तीन अभिनव पहलों को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उत्तर प्रदेश जमीनी स्तर पर तकनीकी बदलाव, ग्रामीण सुरक्षा और राजकोषीय हस्तांतरण में पूरे देश का नेतृत्व कर रहा है।
पंचायती राज विभाग ने ग्रामीण सचिवालयों को सीधे शासन की मुख्यधारा से जोड़कर न केवल बिचौलियों की भूमिका को समाप्त किया है, बल्कि अंतिम पायदान पर बैठे ग्रामीण के लिए सरकारी सेवाओं को सुलभ कर दिया है। ग्राम सचिवालयों को पूरी तरह क्रियाशील और जवाबदेह बनाने के लिए इस अनूठे डिजिटल सिस्टम को लागू किया है। साथ ही ग्राम सचिवालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फेशियल रिकग्निशन और जियो-फेंसिंग तकनीक लागू की गई है।
ग्राम पंचायतों के किसी भी विकास कार्य का डिजिटल भुगतान तब तक नहीं हो सकता, जब तक कि संबंधित सचिव, ग्राम प्रधान या पंचायत सहायक की डिजिटल उपस्थिति सीधे ग्राम सचिवालय परिसर से दर्ज न हो। इससे वित्तीय गबन की संभावनाएं लगभग समाप्त हुई हैं। ग्राम सचिवालयों में आधार केंद्रों की स्थापना- ग्रामीण नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगों की सहूलियत के लिए विकसित किया गया है। साथ ही पंचायतों को स्वावलम्बी बनाने के लिए राज्य में डिजिटल राजस्व संग्रह प्रणाली को कड़ाई से लागू किया गया है।
ये खबर भी पढ़े : झांसी में एएनटीएफ का बड़ा एक्शन: उड़ीसा से 35 लाख का गांजा ला रहे दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तारमांग सृजन से लेकर तत्काल बैंक मिलान तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया गया है जिससे टैक्स चोरी रुकी है। इसे लेकर पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने कहा कि भारत सरकार के नेशनल कंपेंडियम में उत्तर प्रदेश की तीन पहलों को जगह मिलना हमारे अधिकारियों एंव कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। भविष्य में यह ग्रामीण परिदृश्य को बदलने में मील का पत्थर साबित होगा।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
