21 दिन पहले पुलिस ने भेजा जेल ,लॉकअप में गूंजी किलकारी
वजीरगंज थाना इलाके का मामला
लखनऊ। शुक्रवार सिविल कोर्ट में किलकारी गूंज उठी। महिला विचाराधीन कैदी है। पुलिस ने महिला को बीते 21 दिन पहले चोरी और छिनैती के मामले में जेल भेजा था। वह कोर्ट में पेशी के लिए लाई गई थी। इस दौरान कोर्ट के लॉकअप में उसे लेबर पेन हुआ। जिसके बाद उसने बच्चे को जन्म दिया है।महिला को पुलिस अभिरक्षा में बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
थाना प्रभारी वजीरगंज राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि करीब 3:00 बजे न्यायालय लॉकअप से सूचना मिली कि एक विचाराधीन महिला बन्दी महिला ने बच्चे को जन्म दिया है। राजेश त्रिपाठी ने बताया कि मौके पर पुलिस पहुंची। इस दौरान जानकारी मिली कि मूलरूप से कुशीनगर के रामकोला थाना इलाके के बरगढ मडिया की रहने वाली महिला तारा (२०) पत्नी विवेक पेशी पर आई थी। इस दौरान उसे अचानक लेबर पेन हुआ और उसे पुत्र हुआ। सूचना पर तत्काल जांच एवं उपचार के लिए मौके पर एंबुलेंस बुलाकर अवंतीबाई महिला अस्पताल लेकर जाया गया और भर्ती कराया गया। एवं महिला कांस्टेबल की ड्यूटी लगाई गई है। उक्त महिला बंदी व नवजात शिशु स्वस्थ हैं। परिजनों को सूचना दे दी गई है।
बीते 27 अगस्त को भेजा गया था जेल
जानकारी के मुताबिक़ जिस महिला को कोर्ट के लॉकअप में प्रसव हुआ था उसे बीते 27 अगस्त को पारा थाने की पुलिस ने चेन झपटमारी और चोरी के मामले में जेल भेजा था। पुलिस ने जानकारी दी थी कि 26 अगस्त को लक्ष्मी यादव श्रृंगार नगर मेट्रो स्टेशन से पुराना पारा जाने के लिए सवारी ऑटो में बैठी थीं। इसी दौरान तीन महिलाएं ऑटो में सवार हुईं। आरोप है कि तीनों ने बातचीत, बैग और दुपट्टे की खींचातानी के जरिए लक्ष्मी यादव का ध्यान भटकाया और उनके गले से सोने की चेन छीन ली।
चेन छीने जाने का अहसास होते ही महिला ने शोर मचा दिया। ऑटो चालक रिंकू की सूझबूझ और स्थानीय लोगों व रिश्तेदारों की मदद से तीनों महिलाओं को घेर लिया गया और पुराना पारा थाने के पास पुलिस पिंक बूथ पर पहुंचाया गया।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तीनों की तलाशी ली। तलाशी में महिला के कब्जे से छीनी गई टूटी हुई सोने की चेन बरामद हुई। पुलिस पूछताछ में महिला आरोपियों ने बताया था कि वे संगठित गिरोह के रूप में काम करती हैं। तीनों एक साथ ऑटो या ई-रिक्शा में बैठती थीं और भीड़भाड़ अथवा सुनसान स्थिति का फायदा उठाकर महिला सहयात्रियों को बातचीत में उलझाती थीं। इसके बाद बैग, दुपट्टे या कपड़ों की आड़ लेकर आभूषण काटने अथवा झपटने का काम किया जाता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने शुरुआत में गुमराह करने के लिए बाराबंकी जनपद के फर्जी नाम और पते बताए थे। सत्यापन के बाद उनके वास्तविक नाम-पते कुशीनगर के सामने आए। जांच के दौरान सामने आया कि 28 जुलाई को बुद्धेश्वर चैराहे के पास तीनों महिलाओं ने एक ई-रिक्शा में बैठी बुजुर्ग महिला को बातचीत में उलझाकर उसकी सोने की चेन चोरी की थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिलाओं ने राह चलते लोगों को बच्चे के इलाज की मजबूरी बताकर चेन बेच दी थी और मिले रुपये खर्च कर दिए। पुलिस के मुताबिक, मुकदमे की वादिनी बुजुर्ग महिला ने गिरफ्तार तीनों महिलाओं को देखकर पहचान भी की।
पुलिस ने ऊषा पत्नी टक्कल (23 वर्ष), संगीता पत्नी संजय (39 वर्ष) और तारा पत्नी विवेक (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। तीनों कुशीनगर जनपद की रहने वाली थी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
पिछले छह वर्षों से क्राइम रिपोर्टिंग में सक्रिय सत्य प्रकाश भारती अपराध से जुड़े मामलों पर गहरी पकड़ रखते हैं। तथ्यपरक रिपोर्टिंग और संतुलित प्रस्तुति उनकी कार्यशैली की पहचान है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में कार्यरत हैं।
